Chachi Ki Choot Chudai

ट्यूशन पढ़ाने जबसे अपनी Chachi के घर जाने लगा तब से Chachi की मदमस्त जवानी को देखकर मेरा मन मचलने लगा जिसकी meri sex stories आपके लीये फ़रमाया हूँ.. हैलो दोस्तों कैसे हो आप सब ? मेरा नाम शाहिद है मेरी उमर 21 साल है और बिल्कुल कुंवारा हूँ, मेरा शरीर काफी गठीला है।
अब मैं सीधा अपने मुद्दे की बात बताता हूँ। ये तब शुरु हुआ जब मैं 12 पास करके छुट्टियां मना रहा था, मुझे मेरे Chacha ने कहा कि तु खाली बैठा रह्ता है मेरी बेटी को पढा दिया कर।

उनकी लडकी दूसरी क्लास में है। मुझे बहुत बोरिंग लगा इसलिये मैने उन्हें मना कर दिया। पर बाद में उन्होंने मेरे पापा से कहा इसलिये मुझे मानना पडा और मैने हाँ कर दिया। ये मेरी पहली कहानी है इसलिये गलतियों को ध्यान न दें। मैं पहले दिन पढाने गया जब मैने वहाँ पहुँच कर दरवाज़ा खट्खटाया तो मेरे तो तो मेरी Chachi मेरे सामने खडी थी।

मै उन्हें देख कर मुस्कुराया और सलाम किया बदले में उन्होंने भी स्माइल पास किया और अन्दर आने के लिये कहा। मै अंदर जाकर सोफे पे बैठ गया और उनकी लड्की को पढाने लगा। मुझे वहां बिल्कुल भी मज़ा नही आया हालांकी वहाँ मुझे चाय बिस्किट पूरा नाश्ता मिला।

दूसरे दिन मैं फ़िर गया और Chachi ने दरवाज़ा खोला और मैं उनको देख कर दंग रह गया क्यूंकि उन्होंने बहुत ही टाइट सलवार कमीज़ पहन रखा था, जिसमें वो बहुत ही Sexy लग रही थीं, जब उन्होने अंदर आने के लिये कहा तब मुझे होश आया और मैं शर्म से पानी पानी हो गया मैने उनका ऐसा रूप कभी नहीं देखा था ।

हालांकि मेरे दिमाग में उनके बारे में कोई गलत ख्याल नही था पर वो आज मुझे अच्छी लग रही थीं। मैं सोफे पे बैठ कर उनको चोर नज़रों से देख रहा था और मैंने नोटिस किया कि वो भी मुझे कभी कभी देख रही थीं और फ़िर मुझे एक स्माइल पास किया बदले मे मैं भी मुस्कुराया।

तभी वो मेरे पास चाय लेकर आयी और जैसे ही टेबल पर रखने के लिये झुकी मेरी तो आँखें फ़टी कि फ़टी रह गयीं क्यूंकि मेरी नज़र उनके Boobs पर पड़ी जो बिल्कुल गोरे थे मेरी तो सांस ही रुक गयी थी।

चाय रखके वो मुझसे बोलीं- शाहिद Beta चाय पियो और कुछ चाहिये तो बताओ शर्माना मत। मैंने कहा ओके और मैं पढाने में व्यस्त हो गया लेकिन मेरा ध्यान अभी भी उनके Boobs पे था। ऐसे Boobs मैने सिर्फ पोर्न मूवीज़ में देखा था, बिल्कुल गोल और बड़े।

मैं जब भी उनके घर जाता मुझे Chacha नही मिलते थे क्यूंकि उनकी ड्यूटी सुबह 9 बजे से रात 7 बजे तक होती थी और उनको घर आते आते 9 बज जाते थे, इसलिये जब मैं पढाने जाता तो Chachi अकेली रहती थीं।

मैं आपको अपनी Chachi के बारे में तो बताना ही भूल गया उनकी लम्बाई 5 फीट 1 इंच होगी, रंग बिल्कुल गोरा, साइज़ 36-34-38 वो दिखने में बिल्कुल कयामत लगती है।
मैं एक दो बार उनके साथ बाहर भी गया हूं, जब वो बहार निकल्तीं हैं तो सब उन्हीं को घूरते रहते हैं। खैर मैने अपना पढ़ने का काम खत्म किया और घर चला आया।

आज पहली बार मैंने उनके बारे में गलत सोचा पर मुझे अच्छा लग रहा था। मैं बार बार उनके Boobs के बारे में सोच रहा था और मेरा Lund भी सख्त हो गया तो उसको शांत करने के लिये मैंने मुट्ठ मारी तब जाकर सुकून मिला।

अब मुझे वहाँ आना जाना अच्छा लगने लगा और मैं रोज़ वहां जाने लगा, मेरा पढाने में ध्यान कम लगने लगा और मैं ताक झांक में ज़्यादा रहने लगा उनकी लडकी अभी बहुत छोटी थी, इसलिये उसको इस बारे में कोइ जानकारी नही थी।

Chachi आज फ़िर चाय और बिस्किट लेकर आई और टेबल पे रखने लगी। मैंने फ़िर उनके Boobs देखे आज उन्होने लाल रंग की Bra पहन रखी थी, फ़िर मैंने नोटिस किया की ये सब करते हुए वो मुझे देख रही थीं, मैं बहुत डर गया और नीचे देखने लगा।

मेरी चोरी पकडी जा चुकी थी फ़िर मैंने उनकी तरफ देखा तो पाया कि वो मेरी तरफ अब भी देख रही थीं फ़िर मैं जल्दी जल्दी पढा कर घर आ गया, मुझे डर था कि Chachi मेरी शिकायत न कर दें इसलिये मैं अगले दिन नही गया।

एक दिन बाद मेरे पास Chachi ने फ़ोन किया और पूछने लगी की आये क्यूँ नही तो मैंने तबीयत खराब होने का बहाना बना दिया, वो ये सुन कर हंसने लगीं मैने पुछा कि क्या हुआ लेकिन उन्होने कुछ नही बताया और कल के बारे में पूछने लगी कि आओगे या नही तो मैने हाँ कह दिया।

मैं अगले दिन फ़िर पहुंचा Chachi ने गेट खोला तो मैं हंस कर उनसे मिला और अन्दर जाकर बैठ गया। आज वो घर की साफ सफाई में व्यस्त थीं।

उन्होंने मुझसे कहा- Beta एक काम करोगे? मैं- क्या काम?
Chachi- ऊपर मचान पे बक्सा (संदूक) रखा है उसमें से गरम कपडे निकालने हैं, मैं ऊपर नही चढ पाउंगी क्या तुम निकाल दोगे? मैं- हाँ ठीक है ।

Chachi ने मुझे स्टूल दिया और मैं संदूक की चाभी लेकर चढ गया। संदूक खोल के मैंने गरम कपड़े निकालने लगा और जब सन्दूक लगभग खाली हो गया तो नीचे मुझे चार किताबें दिखीं।

मैने एक को उठाया तो पाया की मोटर मकेनिक की थी और दूसरी किताब खोलते ही मेरे होश उड़ गये उसमे Nangi लड्की की तस्वीरें थीं बिल्कुल Nangi।
उसमें कोइ लड़की नहा रही थी कोई बेड पे लेटी हुयी थी और Gand ऊपर को उठा रखी थी, फ़िर मैने तीसरी किताब खोली उसमें चुदाई के दृश्य थे कोई Lund चूस रही थी, कोइ चुद रही थी, कोई चूत मे उंगली कर रही थी।

ये सब देख कर मेरा Lund पूरा खडा हो चुका था तभी Chachi की आवाज़ आयी..

Chachi- Beta उसमें कुछ किताबें हैं तुम्हारे Chacha की, अगर तुम्हारे काम की हो तो ले जाओ
मैं- ओके Chachi थेंक्यू और मैने एक छोटी वाली बुक ले ली और नीचे आ गया ।
मेरा Lund अब भी खडा था मैं चुपचाप सोफे पे बैठ गया। Chachi मुझे बार बार घूर रही थीं।

थोडी देर बाद वो मेरे बगल में आकर बैठ गईं और मुझसे पूछने लगी की कोई किताब है, तुम्हारे काम की तो मैने कहा ‘हाँ..’ बस एक किताब है वो मैंने ले ली है।
Chachi- अगर और किताब चाहिये तो ले जाओ अब तुम्हारे Chacha को ज़रूरत नहीं है।

मैं- ठीक है बाद में ले जाउंगा। उन्होंने मेरा हाथ पकड लिया और बोली ठीक है, उनका हाथ बहुत गरम था और वो धीरे धीरे सह्ला भी रही थीं।

मेरी Chachi 38 साल की हैं और उनके सिर्फ एक लडकी है जो शादी के बहुत सालों बाद पैदा हुई थी, Chachi मेरे इतना करीब बैठी थीं कि उनकी जांघ मेरे जांघ से बिल्कुल चिप्की हुई थी और उनका जांघ बहुत गरम लग रहा था मुझे।

मैं अब समझ चुका था कि Chachi को चुदाई की आग तड्पा रही है, बस मुझे गरम चूत पे अपना लौड़ा मारना था। झट से मैंने भी उनका हाथ पकड लिया और सहलाने लगा।
तभी उनकी लडकी मुझसे मैथ्स का सवाल पूछने लगी और मैं सब छोड कर पढाने लग गया।

थोडी देर बाद वो चाय लेकर आईं और काफी देर तक टेबल सही करने के बहाने से मेरे सामने झुकी रहीं, क्या गोल गोल सफेद रसगुल्ले थे मंन तो यही कर रहा था कि खा जाऊं।
हम दोनों एक दूसरे को ऐसा करते हुए देख रहे थे, फ़िर वो चाय रख कर किचन मे चली गईं।

मैं भी पीछे पीछे पहुँच गया जब Chachi ने मुझे अपने साथ खडा पाया तो पूछा- क्या चाहिये?
मैं- चाहिये तो बहुत कुछ पर अभी सिर्फ पानी पिला दीजिये। वो- जो चाहिये खुल के मांग लो शर्माना मत और वो पानी निकालने के लिये झुकी।

मैं उनके बिल्कुल पीछे खडा था इसलिये उनके झुकते ही मेरा Lund उनकी Gand से टच हो गया,
वो कुछ नही बोली बल्कि पानी निकालने में ज़्यादा समय लगाने लगीं तो मैं समझ गया कि Chachi को मज़ा आ रहा है, तो मैंने एक हाथ उनके Gand पर रखा और दबा दिया।

वो झट खडी हुईं और मुझे पानी दिया और कहने लगीं तुम्हें पानी कि बहुत ज़रूरत है और एक शरारत भरी मुस्कान दी, मैं समझ गया कि Chachi भी Chudne के लिये तैयार हैं।
बस पहल करने से डरती हैं। मैंने एक प्लान बनाया कि Chachi को बातचीत से जितना खोल पाऊँगा उतना खोलुंगा ताकि ये अपने मुंह से बोल कर मेरा Lund मांगें।

मैं घर आ गया और Chachi के बारे में सोचता रहा फ़िर मैने वो किताब निकाली जो वहां से लाया था, उस किताब मे सब लोग विदेशी थे उसमे सारी लडकियाँ गोरी चमड़ी वाली जिनको देखते ही मेरा Lund खडा हो गया।

उस किताब में सब चुदाई के आसन थे, कोइ झुका के Chod रहा है कोई बिठा के Chod रहा है, कोई लिटा के Chod रहा था कोई गोद मे लेकर Chod रहा था मुझे सबसे अच्छ लगा जो कुतिया बना के Chod रहा था। फ़िर मैं मुट्ठ मार के सो गया।

अगले दिन मैं गया तो उनकी लडकी ने दरवाज़ा खोला, मैने उससे पूछा तो उसने बताया की अम्मी किचन मे है। मैं उसको काम दे के सीधा किचन मे पहुँचा तो देखा कि आज Chachi ने बहुत हल्का सूट पहना है और उनकी लाल रंग की Bra साफ दिख रही है।

मैं उनके बिल्कुल पीछे खडा होकर ज़ोर से चिल्लाया वो डर के घूमी और मुझसे लिपट गई, उनकी धड्कन बहुत तेज़ चल रही थी और उनके रसभरे Boobs मेरी छाती पे चिपके हुये थे।

फ़िर मैने उनकी Gand को धीरे धीरे सहलाना शुरू कर दिया, कमाल की Gand थी उनकी बडे बडे और मुलायम, मेरा Lund उनके पेट पे दबाव डाल रहा था पर जैसे ही उनको होश आया वो मुझसे अलग होकर अपने काम मे लग गयी।

फ़िर मैने उनसे बात करना शुरू किया। मैं- किताब तो बहुत अच्छी है मेरे बहुत काम आयेगी
Chachi- क्युं ऐसा क्या है उसमें ?
मैने सोचा इससे अच्छा मौका नही मिलेगा और मैने अपना हाथ उनके Boobs पर रख दिया और Lund को उनके Gand से चिप्का दिया जो कि पूरी तरह से खडा हो चुका था।

Chachi- छोडो मुझे ये क्या कर रहे हो? मैं- आपके सवाल का जवाब दे रहा हूं, यही सब तो है उसमें, सुहागरात वाली चीज़ें।
Chachi- ये सब शादी के बाद करने वाली चीज़ें हैं! मैं- आप मेरी मदद करो तो मैं शादी से पहले सुहागरात मना सकता हूं।

Chachi- इतनी जल्दी है सुहागरात मनाने की? मैं- पहले जल्दी नही थी पर अब है और आपको?
Chachi- मैं तो पता नही कितनी बार मना चुकी हूं तुम्हारे Chacha के साथ। मैं- मेरे साथ ट्राई करके देखो

Chachi- धत्त शैतान कहीं का और मेरे गालों पे एक चुम्मी देकर ये कहते हुये बाहर चली गयीं कि Beta अपने Lund को ज़रा काबू में रखो हमेशा घुसने के लिये तैयार रहता है।
मैं- आपको देख कर तो बुड्ढे का भी खडा हो जाये मेरा तो जवान है।

वो चुपचाप बाहर जाकर सोफे पर बैठ गईं मैं भी उनके जांघ से जांघ चिपका के बैठ गया उनकी लडकी उनके बायीं तरफ और मैं दायीं तरफ बैठा था इसका मौका उठा के मैं उनकी Gand सहलाने लगा और कभी कभी एक उंगली नीचे से उनकी दरार में घुसाने कि कोशिश करता।

जब उनसे रहा नही गया तो वो उठ कर अपने कमरे में जाने लगीं तो मैने पूछा क्या हुआ?
Chachi- तबीयत थोडी खराब लग रही है, मैं समझ गया और मैं उनकी लडकी को ढेर सार काम देकर Chachi के रूम में पहुंचा तो देखा कि वो बेड पर उल्टी होके लेटी हैं।

मैं उनके पास जाकर बैठा और उनकी Gand के छेद को सलवार के ऊपर से सहलाने लगा उनको मज़ा आ रहा था पर तभी उन्होंने मेरा हाथ पकड कर रोक दिया और कहने लगी ये गलत है,
तुम मेरे भतीजे हो मैं तुम्हारे साथ ये नही करुंगी किसी को पता चल गया तो?

मैं- हमारे अलावा और किसको पता चलेगा बिना बताये, मैं प्रोमिस करता हूँ हम दोनो के अलावा किसी को नही बताउंगा।
Chachi- ओके, पर मुन्नी मेरी बेटी तो यहीं रहती है ना। मैं- कोई नही मैं उसको ढेर सारा काम दे दिया करुंगा। Chachi- ओके.. और तभी मैं उनको किस करने लगा, वो भी मेरा साथ बढ चढ कर देने लगीं।

From:-https://www.merisexstory.com

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