BHAI NE MANAYA DIDI KE SATH SUHAGRAT

दोस्तो, यह कहानी मेरी और मेरी DIDI की है. मेरा नाम सोनू है और मेरी DIDI का नाम सुमन है. मैं उसे सुमन DIDI बुलाता हूं, आज उसकी उम्र 26 साल है. मैं उससे 2 साल छोटा हूं.

हम एक मिडिल क्लास परिवार से हैं. घर में हम दोनों के अलावा मम्मी और पापा हैं, यह कहानी आज से लगभग 4 साल पहले शुरू हुई. उस समय बाथरूम नहीं होने के कारण DIDI आंगन में नहाती थी. जिस समय DIDI नहाती थी, उस समय हमें और पापा को बाहर आना पड़ता था या जब उसे कपड़े पहन बदलना होता था तो वो हमें बाहर जाने को कहती थी और दरवाजा बंद करके कपड़े बदलती थी. लेकिन कभी-कभी वह दरवाजा बंद करना भूल जाती थी और और अचानक से मैं आ जाता था.

आपको बता दूँ कि मैं जानबूझ कर ऐसा नहीं करता था, लेकिन जब ऐसा होता था तो मुझे कभी DIDI के BOOBS दिख जाते थे, तो कभी उसके नंगे CHUTAD दिख जाते थे. जिससे एक बार मेरे मन में थोड़ी सी शर्म भी आ जाती थी, पर अच्छा भी लगता था.

DIDI गुस्सा करती तो मैं बोलता रहता कि दरवाजा बंद कर लिया करो.
फिर DIDI कहती कि क्या करूं BHAI भूल जाती हूं और वो हंस कर रह जाती थी.

ऐसे ही दिन निकलते गए और 4 साल बीत गए. अब DIDI पूरी जवान हो गई थी, उसके BOOBS बड़े बड़े हो गए थे. पिछवाड़ा भी बड़ा हो गया था. उसे देखते ही मेरे मन में कुछ कुछ होने लगता, पर जानता था कि वह मेरी बहन है. फिर भी उसे देखने को मन करता. जब वो झाड़ू लगाती तो उसके गहरे गले वाले कुरते में से उसके मलाई से गोरे BOOBS के दर्शन हो जाते. वो भी इस बात को जानती थी कि मैं उसे देखता रहता हूं लेकिन वह कुछ नहीं बोलती.

फिर एक दिन ऐसा आया कि DIDI आंगन में नहा रही थी और वह दरवाजा बंद करना भूल गई थी. मैं उसी समय अन्दर आ गया और नजारा देखकर हैरान रह गया. DIDI उस समय केवल BRA पेंटी में थी और उसके बड़े बड़े BOOBS दूध की फैक्ट्री की तरह नजर आ रहे थे. DIDI ने जैसे ही मुझे देखा, वह बैठ गई और तिरछी नजर से मुझे देखते हुए मुस्कुरा रही थी. मैं कुछ पल वहां रुका और उसको नजर भर कर देखकर वहां से चला गया.

उस दिन के बाद DIDI मुझसे बहुत फ्रेंडली हो गई थी. यह सब देख कर मेरा मन करता कि मैं अभी DIDI के दूध पी जाऊं लेकिन हिम्मत नहीं होती. फिर घर में हमेशा मां भी रहती थीं.. इसलिए कुछ भी होना सम्भव नहीं था.

एक दिन मेरी नानी की तबीयत बहुत खराब हो गई और मम्मी को उनके पास जाना पड़ा. पापा भी किसी काम के सिलसिले में घर से बाहर चले गए और घर में मैं और DIDI अकेले रह गए. उस समय DIDI बहुत खुश नजर आ रही थी.. ऐसा क्यों था.. वो मुझे पता नहीं.

अगले दिन मैं घर में बैठकर खाना खा रहा था और DIDI उसी समय नहाने लगी. जब मैं घर में होता तो DIDI कपड़े पहन कर नहाती थी. मैं खाना भी खा रहा था और उसके भीगे बदन को भी देख रहा था. जब DIDI को नहाना हो गया तो DIDI मुझसे बाहर जाने को बोली.
मैंने कहा कि DIDI मैं खाना खा रहा हूँ, मैं अभी नहीं जाऊंगा और वैसे भी मैं आपको कई बार देख चुका हूं.
तब DIDI बोली- अच्छा बच्चू, अपनी DIDI से होशियारी कर रहा है.

यह कह कर वो मुस्कुराने लगी, लेकिन उसने कपड़े नहीं बदले. मैं भी खाना खाता रहा और उसे देखता रहा. खाना खत्म करके मैं बाहर चला गया, तब DIDI ने कपड़े बदले.

अगले दिन मैं टॉयलेट कर रहा था, तभी DIDI वहां आ गई और उसने मेरा खड़ा LUND देख लिया. LUND देख कर DIDI हंसने लगी. मुझे उसकी हंसी देख कर मजा भी आया और चिढ़ भी आई.

इसके कुछ देर बाद मैं जब खाना खाने बैठा, तभी DIDI नहाने के लिए आ गई और पहले के जैसे कपड़े पहन कर नहाने लगी. आँगन में नहाने के बाद मुझे बाहर जाने को बोली.
पर मैंने कहा- DIDI तुमने भी तो मेरा देख लिया है, अब तुम मेरे सामने ही कपड़े बदल लो.
वह हंस दी और मना करने लगी, तब मैं उससे विनती करने लगा- DIDI PLEASE DIDI…
तब DIDI बोली- ओके, मैं कपड़े बदल रही हूं, जितना दिखेगा सो देख लेना.

अब वो अपने गीले कपड़े उतारने लगी. पहले उसने अपना पजामा उतारा, जिससे उसकी NANGI टांगें दिखाई देने लगीं. उसकी टाँगें एकदम चिकनी थीं, उस पर बहुत थोड़े से बाल थे जो सुनहरे रंग से चमक रहे थे. फिर उसने अपनी चड्डी उतारी जो ब्लैक कलर की थी. उसने मेरे सामने ही दूसरी चड्डी पहन ली और इसके बाद अपना पाजामा भी पहन लिया. इस सब क्रिया में मुझे नीचे की कुछ खास चीज ना दिख सकी.

इसके बाद वह अपना कुर्ता उतारने लगी, उस समय वह मेरी तरफ करके पीछे को मुड़ी हुई थी, जिससे उसकी पीठ मुझे दिख रही थी. जिस पर काले रंग की BRA की पट्टी चमक रही थी. चूंकि उसकी चूचियां दूसरी ओर थीं जो मुझे दिखाई नहीं दे रही थीं. फिर उसने पीछे हाथ करके अपनी BRA भी खोल दी और दूसरी BRA पहनने लगी.

तब मैंने DIDI से कहा- DIDI एक बार इधर तो मुड़ो.
वो हंस कर बोली- नहीं BHAI, जितना दिखता है, बस उतना ही देख लो.
मैंने कहा- DIDI, ऐसे में तो कुछ नहीं दिख रहा है.

तो वह BRA पहनने के बाद मेरी तरफ मुड़ी और उसकी छोटी सी BRA में कैद चूचियां मुझे दिखाई देने लगीं.. जो बाहर निकलने के लिए मचल सी रही थीं.
फिर उसने मुस्कुराते हुए अपना कुर्ता भी पहन लिया और बोली- बस अब बहुत हुआ.
तब मैंने कहा- DIDI तुमने तो कुछ दिखाया ही नहीं, जबकि तुमने मेरा LUND देख लिया.

वह मेरे मुँह से LUND के शब्द भरी बात को सुनकर हंसने लगी.
मैंने फिर कहा- DIDI, तुमने तो मुझे दिखाया तो है ही नहीं, अब मुझे थोड़ा छू ही लेने दो.
वह मना करने लगी.

मैंने रिक्वेस्ट की तो वह मान गई और बोली- केवल ऊपर से ही छू लो.

वो अभी भी नहाने की जगह पर खड़ी थी और उसके भीगे भीगे से बाल उसके गाल से चिपके हुए थे, जो क़यामत बरपा रहे थे, DIDI बहुत मस्त लग रही थी. मैं उसके पास गया और पहले उसके गाल से बालों को हटाया और उसकी चूचियों को ऊपर से दबाने लगा. कुछ देर तक दबाने के बाद DIDI गरम होने लगी.

कुछ देर बाद उसको अपने आप पर कंट्रोल किया और अपने आपको मुझसे अलग करके दूर हो गई. फिर वो खाना खाने लगी. मैं अभी भी उसके पास ही बैठा था
DIDI मुझसे बोल रही थी कि BHAI तुम बहुत शैतान हो गए हो.
मैं हंसने लगा और बोला- DIDI आप हो ही इतनी गजब कि और अधिक शैतान बनने का जी करता है.
DIDI हंसने लगी.

फिर दोपहर को अचानक बारिश शुरू हो गई. DIDI बाहर से जल्दी से कपड़े उतारने चली गई. लेकिन जल्दी-जल्दी में उसका पैर फिसला और वो कीचड़ में गिर गई, जिससे गंदा पानी उसके शरीर में लग गया. इस सब में कुछ देर हो गई और गंदगी से उसका शरीर खुजलाने लगा.

DIDI कहने लगी- BHAI बहुत खुजली हो रही है.. मैं क्या करूं?
मैं बोला- पहले तुम नहा लो.
वह नहाने लगी, बाहर बारिश हो रही थी जिससे मैं बाहर नहीं जा सकता था. अब DIDI खुजली होने के कारण कपड़े पूरे खोलकर नहाने लगी. मैं भी बारिश होने के कारण बाहर नहीं गया और वहीं बैठा रहा. आज मैं उसे बहुत करीब से देख रहा था.

जब DIDI नहा कर अपना बदन पोंछने लगी तो मैंने देखा उसके शरीर पर कुछ चकत्ते से निकल रहे हैं.
मैंने कहा- DIDI, ये लाल लाल चकत्ते से क्या हो गए हैं.
वो उन चकत्तों को देख कर बहुत डर गई. मैंने कहा आप घबराओ नहीं मैं तुम्हारे बदन की दवा वाले तेल से मालिश कर देता हूं.

इस पर वो मान गई. मैं बिना समय गंवाए जल्दी से दवा डाल कर सरसों का तेल ले कर आया और तेल को हल्का गर्म कर लिया.

मैंने DIDI से कहा कि आप लेट जाओ.. मैं मालिश कर देता हूँ.
वो पेट के बल लेट गई.
मैंने कहा- DIDI पहले आप अपने कपड़े तो उतार लो.

उसने जल्दी से अपना कुर्ता उतार दिया और लेट गई. मैं उसके पीछे से पीठ पर मालिश करने लगा. मालिश करते करते मैं अपना हाथ पीठ पर ऊपर ले जा रहा था. मेरा हाथ DIDI की BRA में फंस रहा था.
मैंने कहा- DIDI यह BRA उतार दो.
उसने कहा- BHAI, तुम ही उतार दो.

मैंने उसकी BRA का हुक खोल दिया और मजे से मालिश करने लगा. उसके बदन की खुजली तो दूर हो गई लेकिन वह गर्म होने लगी थी. मुझे भी मस्ती चढ़ने लगी थी. मैं भी मजे से उसकी मालिश कर रहा था.
अब उसने कहा- BHAI, नीचे पैर में भी मालिश कर दो.
मैंने कहा- ठीक है DIDI, अभी कर देता हूँ.

यह कह कर मैं उसका पजामा यूं ही खींच कर नीचे करने लगा लेकिन वो नीचे नहीं हो पा रहा था.
तब DIDI ने कहा- BHAI पहले नाड़ा तो खोलो.

इतना कह कर उसने अपने CHUTAD उठाए और मैंने अपने हाथ को नीचे डाल कर उसका नाड़ा खोल दिया और उसका पजामा नीचे कर दिया. जैसे ही पजामा उतरा, मैं झट से उसकी जाँघों पर मालिश करने लगा. मालिश करते करते मैं अपना हाथ उसकी पैंटी में घुसा देता और उसकी GAND को अपनी हथेलियों से छू लेता. कभी-कभी तो मैं अपना हाथ उसकी CHOOT तक भी पहुंचा देता. वह मेरे स्पर्श से मदहोश हुए जा रही थी. इधर मेरा LUND भी खड़ा हो गया था, पर मैंने अपने आप पर कंट्रोल किया हुआ था. कुछ देर की मस्ती के बाद मैंने उसकी चड्डी भी उतार दी.

पहले तो DIDI ने हिचकते हुए कहा कि यह क्या कर रहे हो.. लेकिन उसकी इस बात में कुछ खास विरोध नहीं था.

मैंने अपने पैर उसकी दोनों तरफ कर दिया, जिससे मेरा LUND उसकी GAND के पास आ गया और मैं उसकी पीठ पर मालिश करने लगा. मैं अपना हाथ जब आगे ले जाकर उसकी मालिश करता, तो मेरा LUND उसकी GAND में टच हो जाता. उस वक्त मुझे बहुत मजा आ रहा था.
फिर मैंने कहा- DIDI, अब घूम जाओ आपकी आगे तरफ भी मालिश कर देता हूं.

वो झट से मान गई और जब वो मुड़ी तो उसकी BRA उसके शरीर से अलग हो गई और उसके बड़े बड़े मम्मों की उन्नत चोटियां मेरी आंखों के सामने थीं. वह अपने हाथों से अपने मम्मों को ढांपने की कोशिश करने लगी.
मैंने कहा- DIDI जाने दो, इसकी भी मालिश कर देता हूं.
उसने कुछ नहीं कहा.

फिर मैंने उसके शरीर पर मालिश करना शुरू कर दिया. पहले मैंने उसकी नाभि में तेल डाल कर उसे लगाने का काम करने लगा. इसी क्रम में मैं अपना हाथ उसकी एक BOOBS तक ले गया और उसकी BOOBS पर जोर-जोर से मसलते हुए तेल लगाने लगा. तेल तो, जो भी लगा या न लगा.. लेकिन वो पूरी तरह हॉट हो गई. इधर मेरा भी जी कर रहा था कि मैं अभी इसके BOOBS के दूध को पी जाऊं.. लेकिन उसके मम्मों पर दवा वाला तेल लगा हुआ था. मालिश पूरी हो जाने के बाद वो फिर से नहाने के लिए चली गई. उसने अच्छी तरह से साबुन लगाया लेकिन पीठ पर उसके हाथ नहीं पहुंचा रहे थे. पीठ पर तेल लगे होने के कारण सफाई भी जरूरी थी.

तब DIDI ने कहा- BHAI मेरी पीठ का तेल तो साफ़ कर दो.

मैं साबुन लेकर पीठ पर लगाने लगा. पीठ से साबुन लगाते हुए मैं उसके पूरे शरीर पर साबुन लगाने लगा और फिर उसे पानी से धोया.

फिर उसने अपने कपड़े पहन लिए. जब वो मेरे सामने आई तो मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसे पकड़ कर एक झप्पी ले ली. उसने कोई ज्यादा विरोध नहीं किया तो मैं उसे किस करने लगा.

अब वो हल्के स्वर में मना तो कर रही थी लेकिन कोई ख़ास विरोध नहीं कर रही थी. मैं समझ गया कि अब हरी झंडी है. मैं उसे रगड़ कर किस करने लगा, वो भी मुझे साथ देने लगी.
लगभग दस मिनट बाद मेरा यह किस खत्म हुआ, तो DIDI मुझसे अलग हुई.
वो बोली- मुझे पेशाब लगी है, जरा छोड़ मैं पेशाब करने जा रही हूं.

मैं भी DIDI के पीछे पीछे चला गया. जब DIDI पेशाब करने के लिए बैठी, तो पहली बार मैंने DIDI की NANGI CHOOT को देखा. DIDI की CHOOT घने बालों के बीच में छिपी थी. मैं उसकी CHOOT देख रहा था.

तभी DIDI ने टोकते हुए कहा- क्यों रे BHAI.. क्या देख रहे हो?
मैंने बोला- DIDI आपकी CHOOT को देख रहा हूं.. आप इसके बालों को क्यों नहीं काटती हो?
DIDI बोली- कभी कभी काट लेती हूं लेकिन बहुत दिनों से नहीं काटे हैं.

पेशाब करने के बाद मैंने अपने हाथों से DIDI की CHOOT को धोया. फिर हम दोनों कमरे में अन्दर आ गए.
मैंने उसको चूमते हुए कहा- DIDI, आप बहुत SEXY हैं.
तब DIDI बोली- तुम झूठ बोल रहे हो ऐसी कोई बात नहीं है.
मैंने कहा- DIDI मैं जैसा कहता हूं वैसा करो, मैं तुम्हारी फोटो निकालता हूं, फिर देखना तुम कितनी SEXY लगती हो.

अपनी फोटो को निकलवाने के लिए DIDI मान गई. मैं अपना मोबाइल लेकर आया और उसके SEXY फोटो निकालने लगा. मैंने उससे कहा- अब अपना कुर्ता और पजामा उतार दो.
उसने उतार दिए.

मैंने उसके BRA पेंटी में फोटो निकाले. इसके बाद उसने अपने सारे कपड़े पहन लिए. फिर मैंने उसके SEXY फोटो उसको दिखाए. वो अपने हॉट फोटो देख कर शर्माने लगी.
मैंने कहा- DIDI मैंने कहा था न.. तुम हो ना SEXY!

उसने शर्मा कर अपनी आंखें बंद कर लीं और इसी बात का फायदा उठा कर मैं DIDI को किस करने लगा. अब वो भी साथ देने लगी. किस करते करते एक अपना हाथ उसकी CHOOT पर ले गया और उसे दबाने लगा.

वो सिसकार उठी- आह आह.. BHAI मजा ले रहे हो..
मैंने कहा- क्या तुमको मजा नहीं आ रहा है?

उसने भी बेआवाज हामी भरी और हम दोनों अपने शिखर पर चढ़ने लगी.

मैं DIDI को किस करते करते मैं अपना एक हाथ उसकी गर्दन पर ले गया और उसे अपनी तरफ खींच कर CHATने लगा. फिर उसकी बगलों को CHATने लगा. DIDI की मादक कराहें मेरा उत्साह बढ़ा रही थीं. फिर मैं DIDI की BOOBS के ऊपरी भाग को CHATने लगा.

तभी एकदम अचानक से DIDI पीछे मुड़ गई. मैंने उसे छोड़ा नहीं और पीछे से उसकी गर्दन को CHATने लगा. इसी तरह उसको चूमते CHATते मैंने DIDI के कुर्ते को उसके कंधे से नीचे कर दिया. इससे उसकी पीठ काफी NANGI हो गई थी. मैं उसकी पूरी पीठ को CHATने लगा.

जब चुदास बढ़ी तो मैंने उसके कुरते को उसकी कमर तक नीचे कर दिया और उसकी पूरी पीठ को CHATते CHATते उसकी कमर तक पहुंच गया. फिर वो आगे की ओर घूमी तो मैं उसके पेट को CHATने लगा. साथ ही उसे हल्का हल्का काटने भी लगा. DIDI अपनी आंख बंद करके ‘आहहहह आहहहह…’ किए जा रही थी.

मैं उसके ऊपर चढ़ गया और उसकी BOOBS को दबाने लगा. फिर मैंने उसकी BRA को खोल दिया, BRA खुलते ही उसकी चूचियां खुली हवा में फुदकने लगीं. मैं लगभग झपटते हुए उसके मम्मों के दूध को पीने का काम शुरू कर दिया.
यह मेरा पहला अवसर था, जब मैं किसी लड़की का दूध पी रहा था… वह भी अपनी बहन का! सच में बहुत मजा आ रहा था.

दोस्तो, मैं DIDI की एक चुची के दूध को पी रहा था और दूसरे को हाथ दूसरी चुची को दबा रहा था. इसके बाद मैं अपना हाथ उसकी पैंटी में ले गया और DIDI की CHOOT को मसलने लगा. उसकी CHOOT के चारों तरफ बहुत घने बाल थे. एक मिनट बाद मैंने उसकी चड्डी उतार दी. मेरा उसकी CHOOT को CHATने का तो मन कर रहा था, लेकिन बाल बहुत अधिक होने के कारण मजा नहीं आ पाया.

मैंने DIDI से कहा- मैं तुम्हारे बाल काट दूं… फिर मजा आएगा.

वो झट से मान गई. मैं अपनी शेविंग किट लाया और नीचे बैठ कर DIDI की CHOOT की झांटों को काटने लगा. वो भी अपनी पूरी CHOOT खोल कर झांटें बनवाने का मजा ले रही थी. उसकी CHOOT के बाल काटने के बाद देखा तो उसकी CHOOT गुलाब की पंखुड़ी की तरह नजर आने लगी… साथ ही मेरे हाथ लगाने से उसकी चूत लिसलिसी सी भी हो गई थी. उसकी CHOOT को मैंने साबुन लगा कर धोया. फिर मैं उसकी CHOOT को CHATने लगा, लगातार CHATते रहने से उसकी CHOOT से पानी निकलने लगा.

फिर मैंने अपना आसन बदला और DIDI के हाथ में अपना LUND दे दिया. DIDI LUND CHATने से मना कर रही थी, पर मेरे कहने पर उसने LUND मुँह में ले लिया और उसे चूसने लगी. LUND चुसाई से मैं सातवें आसमान पर पहुंच गया था. DIDI को भी LUND चूसने में मजा आने लगा था. अब तो DIDI लॉलीपॉप की तरह मेरे LUND को चूस रही थी.
लगभग दस मिनट बाद मैं उसके मुँह में झड़ गया. मेरा इतना ज्यादा माल निकला कि वो पूरा रस पी ही नहीं पाई और बहुत सारा वीर्य उसके शरीर पर गिर गया.

हम दोनों अब शांत हो चुके थे. लेकिन मेरे LUND को DIDI की CHOOT की भूख अभी बाकी थी. मैं फिर से DIDI की CHOOT CHATने लगा. कुछ देर में मेरा LUND भी तैयार हो गया. मैं DIDI को भी खूब गरम करने के लिए उसका दूध पीने लगा और जल्द ही DIDI की CHOOT भी LUND LUND चिल्लाने लगी.

मैंने अपना LUND DIDI की CHOOT पर लगाया तो DIDI मना करने लगी. वो बोली- मैं बिना प्रोटेक्शन के सेक्स नहीं करूंगी.
मैं भी जानता था कि DIDI गर्भ ठहर जाने के डर से कह रही है कि वो CHUDAI से प्रेग्नेंट ना हो जाए.
मैंने भी जिद नहीं की लेकिन मैंने बोला कि फिलहाल इस खड़े LUND का क्या करूं?
DIDI बोली कि इस खड़े LUND को मेरी दोनों चूचियों के बीच में डाल कर इसे CHOOT समझ कर CHOD लो और रस टपका दो.

मैंने उसकी चूचियों को दोनों हाथों से पकड़कर उनके बीच में LUND डाला और आगे पीछे करते हुए BOOBS CHUDAI का मजा लेने लगा. कुछ देर बाद मेरा माल निकल गया और सारा माल DIDI की चूचियों पर गिर गया. वो अपने हाथों से उठा उठा कर मेरे माल को CHATने लगी.

इतनी देर की बूब फकिंग और चुसाई से हम दोनों बहुत थक गए थे, इसलिए नंगे ही दोनों सो गए. उस समय दोपहर के 2:00 बज रहे थे.

काफी देर तक सोने के बाद जब मेरी आंख खुली तो शाम के 5:00 बज चुके थे. DIDI पहले ही उठ चुकी थी और मैं नंगा ही सोया हुआ था. मैंने उठकर अपने कपड़े पहने और बाहर आया तो देखा DIDI खाना बनाने की तैयारी कर रही थी.

हम दोनों की नजरें मिलीं और हम दोनों मुस्कुरा दिये. फिर मैं DIDI के पास गया और उसे किस करने की कोशिश की.
तब DIDI ने कहा- अभी नहीं BHAI, अभी खाना बनाना है.
मैंने कहा- ठीक है DIDI मैं बाजार जा रहा हूँ, तुम्हें कुछ मंगाना है?
DIDI ने कहा- नहीं BHAI मुझे कुछ नहीं मंगाना है.

मैंने DIDI से पूछा- DIDI, रात का क्या प्रोग्राम है?
DIDI ने शर्म से आँख नीचे कर ली. मैंने DIDI से पूछा- कौन सा फ्लेवर पसंद है तुम्हें?
DIDI ने कहा- जो तुम्हें पसंद हो ले लेना.

मैं जब जाने लगा तो DIDI बोली- रूको BHAI.
मैंने पूछा- क्या हुआ DIDI?
तो DIDI बोली- कंडोम मत लेना… दवाई ले लेना.

मैं समझ गया कि DIDI CHOOT में LUND का का पूरा मजा लेना चाहती है, वह भी बिना कंडोम के चुदने का मन बना चुकी है.
इस बात से मैं भी खुश हो गया, मुझे खुद ऐसा लग रहा था कि DIDI की पहली CHUDAI का मजा नंगे LUND से ही लेना चाहिए. मैं आँख मार कर बोला- ठीक है DIDI, मैं दवा ले आऊंगा.

मैं बाजार चला गया और वहां जाकर मैंने दवाई ले ली. मैं बाजार में घूम रहा था तो मेरे सामने DIDI की BOOBS और गुलाब के फूलों जैसी CHOOT घूम रही थी. मैंने बाजार का सारा काम किया और घर आ गया.

घार आया तो सबसे पहले DIDI के करीब जाकर पीछे से DIDI की GAND को टच कर लिया.
DIDI बोलने लगी- BHAI, जरा बर्दाश्त करो.
मैंने कहा- अब सब्र नहीं हो रहा है DIDI.

वो वहीं बैठ कर मुझसे बातें करने लगी. कुछ देर बाद उसने खाना बनाया था वो हम दोनों ने मिल कर टेबल पर लगाया और बैठ कर खाना खाया. हम दोनों ने साथ में खाना खाते वक़्त एक दूसरे के अंगों का पूरा मजा लिया. DIDI झुक झुक कर अपनी BOOBS दिखलाए जा रही थी. मेरा जी तो कर रहा था कि उसको खींच कर पूरा दूध चूस लूँ.

फिर हमने किसी तरह खाना खत्म किया और DIDI बर्तन धोने चली गई. बर्तन धोने के बाद DIDI मेरे पास आकर बैठ गई.

मैंने DIDI से कहा- DIDI, क्या प्रोग्राम है?
DIDI ने कहा- BHAI आज की रात को यादगार बनाया जाए, आज हमारी सुहागरात होगी.

एक BHAI और बहन की सुहागरात का मंजर याद करके मैं भी खुश हो गया. मैं DIDI की तरफ देखने लगा. उसने उठा कर अलमारी से मेरे कपड़े निकाल कर मुझे दिए और कहा कि पहन कर तैयार हो जाओ.

वो अपनी GAND मटकाती हुई खुद तैयार होने अपने कमरे में चली गई. जाते समय मुझे आँख मारते हुए बोली- आधे घंटे के बाद कमरे में आना.

मैं बाहर ही रह गया… कपड़े आदि पहन कर तैयार हो गया और DIDI कमरे में चली गई. मैं आधा घंटा बाद कमरे में गया तो देखा DIDI नई नवेली दुल्हन की तरह बेड पर बैठी हुई थी और उसने अपना चेहरा ढका हुआ था.
यह नजारा देख कर मैं बहुत खुश हो गया.

मैं बेड पर गया और सबसे पहले मैंने उस का घूंघट उठाया. DIDI ने नई दुल्हन की तरह शर्मा कर अपना मुँह दूसरी और कर लिया, उसका गोरा चेहरा एकदम गुलाब सा चमक रहा था. होंठों पर लाल लिपस्टिक लगाई हुई थी, मालूम चल रहा था मानो कोई अप्सरा मेरे सामने बैठी हो.

फिर मैं DIDI के होंठों को किस करने लगा. वह भी पूरा साथ दे रही थी. किस करते करते मैंने उसके SARI का PALLU नीचे किया और उसे लिटा दिया. मैं एक उसके होंठों की किस करता रहा और एक हाथ से उसके दूध को दबाता रहा.
मुझे बहुत मजा आ रहा था.

अपनी सगी बहन को किस करते करते मैं उसके कान तक आ गया और उसके कान को काटने लगा. DIDI मादक आवाजें निकाल रही थी और मेरी बांहों में मचल रही थी. फिर मैं उसके कान की लौ को CHATने लगा. उसकी गरम आहें निकलने लगी थी. कान की लौ को CHATने से वो चुदासी हो उठी थी.

इसके बाद मैं अपनी सगी बहन के ब्लाउज के ऊपर से ही उसकी चूचियों को पीने लगा. उसके ब्लाउज के हुक पीछे से थे. मैंने उसके BOOBS को ऊपर से ही खूब पिया. फिर मैं नीचे आ गया और उसके पेट को CHATने लगा. मैं उसके पेट को CHAT ही रहा था कि वह एकदम से मुड़ी. अब उसकी पीठ मेरे सामने थी. मैंने उसके पीठ को भी खूब चूमा और CHATा. फिर उसके ब्लाउज के हुक्स को खोल दिया. अब उसकी चूचियां केवल BRA में फंसी थीं. मैं फिर नीचे को गया और उसके पैरों को CHATने लगा. पैर CHATते CHATते ऊपर की ओर बढ़ने लगा. मैंने उसके पेटीकोट को SARI समेत ऊपर चढ़ा दिया और उसकी चिकनी जाँघों तक पहुंच गया. उसकी मांसल जांघें बेहद जानलेवा थीं, मैं बिना एक पल रुके उसकी मरमरी जाँघों को CHATने लगा. वो भी एकदम से सिहर उठी.

अब मैंने उसका पेटीकोट और SARI को उतार दिया. वो वहां केवल चड्डी और BRA में लेटी हुई रह गई थी. मुझसे रहा नहीं जा रहा था, मैं उससे अलग हुआ और अपने कपड़े भी उतार दिए.
मैं उसके सामने मात्र एक चड्डी में खड़ा था. DIDI चड्डी और BRA में थी.

मैंने कहा- DIDI इतना शर्माओ मत यार… आंखें खोलो… देखो मेरा LUND कितना तैयार है.
वो शर्माते हुए हंसने लगी. उसने अपनी जीभ को बड़े ही कामुक और अश्लील अंदाज में अपने होंठों पर फेरा और एक हाथ से अपनी CHOOT पर फेरा तथा दूसरे हाथ की उंगली के इशारे से मुझे अपनी तरफ पर बुलाया.

मैंने भी अपने लौड़े को सहलाया और DIDI के पास आ गया. उसने अपनी बाँहें मेरी तरफ फैला दीं. मैं DIDI का चुम्बन करने लगा और उसके मम्मों को दबाने लगा. वो भी चड्डी के ऊपर से ही मेरे LUND को हिला रही थी. मैं अपना हाथ उसके पीछे ले गया और उसकी BRA को खोल कर अपनी सगी बहन की चूचियों को BRA की कैद से आजाद कर दिया.

अब मेरी DIDI की मस्त और रसीली चूचियां मेरे सामने हवा में उचल रही थीं. मैं अगले ही पल उसके एक दूध को पी रहा था.
DIDI कामुकता से बोली- ओह… BHAI पहले मेरी CHOOT को CHAT दो.

मैं झट से नीचे गया और उसकी चड्डी को उतार कर उसकी CHOOT को CHATने लगा. कुछ ही देर में CHOOT में मानो आग लगी हुई थी. मैं अपनी जीभ बहन की CHOOT में डालकर उसे CHODNE लगा. वो कामुक सिसकारियां ले रही थी.
फिर मैंने कहा- DIDI तुम भी मेरा LUND CHATो न.

वो तो जैसे LUND चूसने के लिए तैयार थी. हम दोनों 69 में हो गए. अब वो मेरे LUND को चूस रही थी और मैं उसकी CHOOT CHAT रहा था. कुछ देर बाद हम दोनों ने एक दूसरे के मुँह में ही अपने माल को झाड़ दिया. वह मेरा पूरा माल पी गई और मैं भी उसका रस CHAT गया.

रस चूसने के बाद भी हम दोनों एक दूसरे के LUND CHOOT की CHATते रहे. इससे नतीजा यह हुआ कि कुछ ही देर बाद हम दोनों फिर से हॉट हो गए. अब हम दोनों CHUDAI के लिए तैयार हो गए थे. DIDI ने कहा BHAI अब और मत तड़पाओ… जल्दी से डाल दो अपना LUND मेरी CHOOT में…
मैंने कहा- ठीक है DIDI…

मैं अपना हाथ LUND को पकड़ कर उसकी CHOOT पर लगाने लगा और जोर से झटका मारा. मेरा LUND उसकी CHOOT में अन्दर नहीं जा रहा था. DIDI की CHOOT बहुत टाइट थी. उसने मेरी तरफ परेशानी से देखा, तो मैं उठ कर किचन में गया और अपने LUND पर घी लगा लिया. घी से सने हुए हाथों से LUND की मालिश करता हुआ कमरे में आया.

मैंने आकर DIDI की CHOOT पर अपने हाथ में लगा घी लगाया और अपने घी से सने LUND को DIDI की चूत की फांकों में लगा कर एक झटका दे मारा. मेरा LUND का सुपारा DIDI की CHOOT में चला गया.
DIDI चिल्लाने लगी और कहने लगी- आह माँ मर गई… BHAI जल्दी से बाहर निकालो… बहुत दर्द हो रहा है.

मैंने अपनी सगी बहन की कुछ ना सुनी और LUND को उसकी CHOOT में पेले रहा. अगले पल मैं एक और तेज झटका मारा और मेरा खड़ा LUND बहन की CHOOT में घुसता चला गया. मैं LUND को उसकी CHOOT में डाल कर कुछ देर रुक गया. कुछ देर बाद DIDI को भी आराम मिला और वो अपने CHUTADों को हिलाने लगी. मैं समझ गया कि DIDI को भी मजा आने लगा है. मैं अपने LUND को उसकी CHOOT में आगे पीछे करने लगा.

अब DIDI भी अपनी GAND उठाते हुए CHUDAI का मजा ले रही थी. DIDI कहने लगी- आह आज अपनी बड़ी बहन की CHOOT को छोटा BHAI CHOD रहा है… आह कितना मजा आ रहा है आह्ह… और CHOD दे… अपनी DIDI की CHOOT CHOD दे…

यह सुनकर मुझे भी जोश आ गया और मैं DIDI को जमकर CHODNE लगा. उसकी CHOOT से पच पच की आवाज आ रही थी और पूरे कमरे में गूँज रही थीं. मैं उसको बिना रुके हचक के CHODा.

DIDI के मुँह से लगातार ‘आह… आहहह…’ की आवाज निकल रही थी. तभी अचानक DIDI का शरीर अकड़ने लगा. मैं समझ गया कि DIDI झड़ने वाली है. थोड़ी ही देर में DIDI की CHOOT से पानी निकल गया. मैं अभी भी DIDI को CHOD रहा था. थोड़ी देर में DIDI फिर से जोश में आ गई और CHOOT की रगड़ाई करवाने लगी.

कुछ देर बाद मैंने DIDI से कहा- DIDI मैं जाने वाला हूं.
DIDI ने कहा- आह… मेरी CHOOT में ही धार मार दे… मैं तेरे माल को CHOOT में लेना चाहती हूं.

थोड़ी देर में DIDI और मैं दोनों साथ में झड़ गए.
DIDI मुझे चूमते हुए बोली- BHAI तूने मेरी CHUDAI करके मेरी बरसों की प्यास बुझा दी. न जाने कब से अन्तर्वासना पर BHAI बहन की CHUDAI की कहानी पढ़ कर तेरे LUND से चुदने का मन बनाया हुआ था.

अब मुझे समझ आया कि DIDI का मन मेरे साथ CHUDAI का क्यों बन गया था.

CHUDAI के बाद अब भी हम दोनों एक दूसरे से चिपके हुए इधर उधर की बातें करने लगे. थोड़ी देर बाद हम दोनों फिर से CHOOT CHUDAI के लिए तैयार हो गए. हम दोनों ने फिर से CHOOT CHUDAI का खेल शुरू किया.

उस रात हम दोनों ने चार बार CHUDAI की और फिर कब आंख लग गई, पता ही नहीं चला.

इसके बाद तो जब तक मम्मी वापस नहीं आईं, हमारा CHUDAI का खेल चलता रहा और अभी भी चल रहा है. मैंने DIDI की GAND को भी CHODा है.

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