Maa Beta Sex – Bete Ne Meri Hawas Mitayi

माँ बेटा सेक्स: बेटे ने मेरी हवस मिटाई

प्रिय पाठको, मेरी कहानी माँ बेटा सेक्स की है, मेरा नाम प्रभा है, मैं 37 साल की विधवा हूँ. मेरे 2 बच्चे है, एक बेटा सोनू 19 साल का और बेटी शिवानी उससे छोटी है.
करीब एक साल से मैं अन्तर्वासना पर कहानियाँ पढ़ रही हूँ. और यकीन मानिये यहाँ की कहानियाँ बेहद गर्म होती हैं!
काफी दिनों बाद आज मैंने सोचा कि अभी 20 दिन पुरानी घटना को कहानी के माध्यम से आप लोगों के साथ शेयर करूँ!

Maa Beta Sex – Bete Ne Meri Hawas Mitayi

तो दोस्तो, आज मैं आपको एकदम सच्ची घटना बताने जा रही हूँ जिसमें मैं और बेटा बेटा सोनू है!
मेरे पिताजी को दारू की लत थी, माँ बचपन में ही चल बसी थी तो मेरे पिताजी ने मेरी शादी किशोरावस्था में ही करवा दी. कुछ साल अच्छे से बीते, सोनू और शिवानी का जन्म हुआ और फिर एक रोज़ मेरे पति का एक एक्सीडेंट के वजह से देहांत हो गया करीब 4 साल पहले!
मैं पूरी तरह टूट चुकी थी लेकिन ससुराल के लोगों ने बहुत मदद की और मैंने एक दुकान खोल ली जिससे हमारा गुजारा अच्छे से चलने लगा.
सब ठीक से चल रहा था लेकिन हर औरत और मर्द की कुछ बुनियादी शारीरिक जरूरतें होती हैं, वहां पर आकर मैं बेबस हो जाती थी, बाहर किसी से सम्बन्ध क्या रिश्ता रखने में भी बदनामी का डर सताता था तो इसी बेबसी को अपनी किस्मत मानकर जीवन काट रही रही थी!
अन्तर्वासना पर कहानियाँ पढ़ती थी, पोर्न वीडियो देखती थी और उंगली से ही चुत की आग मिटाती थी … लेकिन आखिर कितने दिन?
खैर मैंने दिमाग से ये ख्याल ही उतार दिया था लेकिन करीब एक महीने पहले कुछ ऐसा घटा कि मेरी लालसा बढ़ गयी!
एक रोज़ शिवानी स्कूल गयी थी और मेरा बेटा घर पर ही था, मैं दूकान से जब दोपहर को घर आयी खाना बनाने तो एक चाभी जो मेरे पास रहती थी उससे मैंने दरवाजा खोला और अंदर गयी. अंदर सोनू के कमरे का दरवाज़ा आधा खुला था और वो बिस्तर पे सिर्फ अंडरवियर पहन के लेटा था और अंडरवियर के ऊपर से ही उसका लौड़ा लम्बा मोटा और सख्त है, यह मुझे महसूस हो गया था.

लेकिन आखिर है तो मेरा बेटा …

यह सोचकर मैं अंदर चली गयी और खाना बनाकर सीधा बेड पे लेट गयी.
मेरे ख्याल में अब भी वही चल रहा था, मैं चाह कर भी खुद को रोक नहीं पा रही थी.
फिर मैंने अन्तर्वासना की साइट से माँ की चुदाई श्रेणी से माँ बेटा सेक्स कहानियाँ पढ़नी शुरू कर दी, यकीन मानिये … पढ़ने के बाद मैं खुद के काबू में नहीं रही, मैंने उंगली से अपनी चुत को छुआ तो वो पानी पानी हो चुकी थी.
मैंने उस रोज रात में न खाना बनाया न खाया … मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी … मुझे बस चुदना था अब!
उन कहानियों से मैंने सीखा कि कोई भी रिश्ता हो लेकिन असल रिश्ता सिर्फ एक औरत और मर्द का होता है फिर वो चाहे बेटा हो या देवर!
रात के करीब 12 बज रहे थे, मैंने बहुत सारी पोर्न वीडियो देखी एवं हिंदी सेक्स कहानी पढ़ कर धीरे धीरे मैंने उंगली करनी शुरू कर दी अपनी चुत में … मेरा जोश एकदम बर्दाश्त के बाहर हो रहा था, जी कर रहा था कोई भी मर्द आकर मेरे जिस्म को नोच के खा जाए!
तभी एकाएक सोनू आकर सीधा चढ़ गया मुझ पर … वो भी पूरा नंगा!
मैं अचानक हुए इस हमले से भौचक्की रह गयी और हड़बड़ा कर उसे दूसरी तरफ धकेला और खड़ी हो कर अपनी साड़ी ठीक करने लगी!
इतने में सोनू ने मुझे कस के पकड़ कर बिस्तर पे लिटा दिया और बोला- साली कब से उंगली कर रही है … तुझे तो उंगली करते हुए मैं रोज़ ही देखता हूँ और नंगी नहाती है तब भी दरवाज़े के छेद से तुझे देखता हूँ. माँ-बेटे का रिश्ता भूल कर सिर्फ अपनी हवस मिटा माँ! क्यूंकि मैंने भी आज तक सिर्फ मुठ ही मारी है! आ जा मेरी जान … आज तेरे जिस्म की आग मिटाता हूँ मैं! मुझे अपना बेटा नहीं, अपना पति समझ आज की रात! तुझे दिखाने के लिए ही अंडरवियर में लेटा था!
इतना कहकर सोनू मुझे चूमने लगा और मेरे बूब्स दबाने लगा.
अब मैंने शर्म हया सब त्याग दी, मेरा कण्ट्रोल खुद पे नहीं रहा था, बस अब सामने एक हट्टा कट्टा मर्द दिख रहा था जिसका लौड़ा उसके बाप से भी लम्बा था. मुझे अब अपनी प्यास बुझानी थी और सोनू भी हवसी हो चुका था!
मुझे बचपन से ही ज्यादा जोश आया करता था और मुझे वाइल्ड सेक्स बहुत पसंद है जिससे कि कोई मेरा बदन नोच के खाये!
मैंने कहा- सोनू बेटा, मुझे एक रांड समझ और जो दिल में आये वो कर … मुझे मार, गाली दे, जो मन करे वो कर … बस मेरी आग मिटा मेरे बेटे!
यह सुनकर सोनू ने मेरी ब्लाउज को आगे से खींच कर फाड़ दिया और ब्रा को खोलकर मेरे निप्पल चूसने लगा और बूब्स मसलने लगा.
सोनू- साली रांड … तुझे अब मैं सही में रांड बनाऊंगा आज चोद के … कितना चुदवा सकती है तू सच सच बता?
प्रभा- बेटा, मैं तो दस मर्दों से भी चुदवा लूं, इतना भयानक जोश चढ़ा हुआ है मुझे!
इतना सुनते ही सोनू ने मेरी गांड मसल दी और कहा- साली कुतिया, बदन तो एकदम कसा हुआ है तेरा, सिसकारी जोर जोर से ले मम्मी, मैं चाहता हूँ कि पूरा मोहल्ला आज जान जाए कि तू चुद रही है!
इतना कहकर सोनू ने मेरी साड़ी पूरी खोल दी और पेटीकोट का नाड़ा खोल कर मुझे नंगी कर दिया, सिर्फ पैंटी बची थी जिसने मेरी गीली चूत को ढक रखा था!

फिर मेरे बेटे ने मुझे बेड पे लिटाया और

मेरे पूरे बदन को चूमने लग गया एकदम हवसी के जैसे … आखिर पहली बार उसे नंगी औरत मिल रही थी चोदने को!
अब सोनू ने अपनी माँ की दोनों जांघों को चूमा और जांघें फैला कर पैंटी के ऊपर से ही मेरी चुत को चाटने लगा. मुझे बर्दाश्त नहीं हो रहा था तो मैंने सोनू से कहा- बेटा, अपनी माँ की पैंटी उतार के चाट जीभ घुसा के मेरी चुत में!
सोनू ने अपने दांतों से मेरी पैंटी खींच कर उतारी और जैसे ही उसने जीभ मेरी चुत पे लगायी, मेरी हालत ख़राब हो गयी और मैं चिल्ला उठी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… अहहाह!
मेरी सिसकारी इतनी जोर से निकली कि आवाज सुनते ही आधी नींद में मेरी बेटी शिवानी मेरे कमरे में आ गयी और बोली- क्या हुआ मम्मी?
हम दोनों माँ बेटे अपने काम में लगे हुए थे!
मैंने कहा- कुछ नहीं बेटी, तुम जाओ सो जाओ!
शिवानी- मम्मी, भैया क्या कर रहा है आपके साथ? कपड़े भी नहीं पहने हैं उसने!
मैं- बेटा, वो मुझे प्यार कर रहा है, तुम और बड़ी हो जाओगी, तब तुम भी समझ जाओगी!
शिवानी- मम्मी, मुझे अकेले डर लग रहा था, मैं यहीं तुम्हारे बगल में सो जाऊँ?
अब मैं बड़ी मुसीबत में फंस गयी और न चाहते हुए भी शिवानी को अपने पलंग पर सुला लिया मैंने!
इधर सोनू ने मेरी चुत में अपनी जीभ पूरी पेल रखी थी, चुत से झरने की तरह पानी निकल रहा था!
मैंने कहा – सोनू बेटा, अब चोद मुझे … लौड़ा घुसा अपना अपनी मम्मी की चूत में!
इस पर सोनू ने कहा- साली कंडोम नहीं है, ऐसे ही चोदूँ, चलेगा न?
मुझे लौड़ा जल्द से जल्द अपनी चुत में महसूस करना था तो मैंने कहा- कर न साले, सोच क्या रहा है, कंडोम नहीं है तो उसके बिना चोद!
सोनू- मम्मी, मैं पहले तुम्हारी गांड मारूंगा! कुतिया अपनी गांड देखी है तूने कभी? एकदम गोरी गोरी मोटी फूली हुई है!
मैं गांड मरवाने की शौक़ीन रही हूँ तो मैं तुरंत कुतिया बन गयी और कहा- ले बेटा, मार अपनी माँ की गांड जी भर के!
अब सोनू ने पीछे से मेरी गांड अपना लौड़ा घुसना शुरू किया,इतने सालों बाद लौड़ा घुस रहा था तो मैं होश में थी ही नहीं बिल्कुल,धीरे धीरे कर के उसने अपना पूरा मोटा मुसल जैसा लन्ड मेरी गांड में पेल दिया और मेरे बाल पकड़ के मेरी गांड मरने लगा!
वो पहली बार चोद रहा था तो थोड़ा धीरे धीरे चोद रहा था तो मैंने कहा- बेटा कस कस के मार, इतने आराम से गांड और चुत नहीं मारी जाती है! कस के एकदम रांड समझ के पेल मुझे!
अब सोनू जोश से भर गया और मेरी पीठ पे थप्पड़ मारते हुए मेरे बाल खींच कर मेरी गांड मार रहा था. मैं एकदम भयानक जोश में आ चुकी थी! वासना मेरे सर चढ़ कर बोल रही थी.
तभी शिवानी बोली- भैया, मम्मी को क्यों मार रहे हो? उन्हें दर्द हो रहा है!
सोनू- अरे बहन, प्यार करने का यह एक तरीका होता है, तू बड़ी होगी तो समझ जाएगी!
मैंने कहा- शिवानी बेटा, तुम आंखें बंद कर के सो जाओ, भैया को प्यार करने दो मुझे!
अब सोनू मेरी गांड पर भी थप्पड़ मार रहा था जिससे मेरा जोश और बढ़ता जा रहा था. सोनू ने कहा- साली, तेरी गोरी गांड लाल हो चुकी है मेरे थप्पड़ों से और पीठ भी … अब तेरा बेटा अपनी माँ की चुत का मज़ा लेना चाहता है!
मैंने तुरंत कहा- हाँ बेटा, ले न जितना मज़ा लेना है ले! और अब से जब तेरा दिल करे तब मज़े लेना मेरे बदन का!
इतना कहकर मैं सीधी होकर लेट गयी और सोनू मेरी टांगें उठा कर मेरे ऊपर लेट गया और धीरे धीरे अपना लौड़ा मेरी चुत में घुसाने लगा!
सालों बाद मेरी चुत में लौड़ा घुस रहा था, मेरी चूत पानी से लबालब हो चुकी थी.
पूरा लौड़ा घुसाने के बाद जब सोनू ने चोदना शुरू किया तो मैं सातवे आस्मां की मस्ती पर थी, पूरे कमरे में फच फच की आवाज़ हो रही थी और मेरी सिसकारियाँ गूँज रही थी!
सोनू- ले साली, और कस के चुद तू आज, आज तेरे इस कामुक बदन की आग बुझा ही दूंगा!
मैं- हरामी साले, ये आग सालों की है, इतनी जल्दी नहीं मिटेगी. और कस के दम लगा कर चोद मुझे! साले इतना मोटा मुसल जैसा लौड़ा है तेरा कि लग रहा है कि स्वर्ग में हूँ मैं! और चोद बेटा और कस कस के चोद अपनी मम्मी को!
सोनू- ले साली रांड मां मेरी … और कस कस के ले!
सोनू बहुत बुरी तरह से जानवर जैसे मेरे बदन को नोच रहा था और मुझे वो बहुत ही ज्यादा पसंद आ रहा था! जी कर रहा था आज चुदवा चुदवा के मर ही जाऊँ!
काफी देर तक मेरी चुत चोदने के बाद सोनू ने कहा- मम्मी, मेरा गिरने वाला है अंदर ही!
और मैं इतने जोश में थी कि कुछ कहने की हिम्मत नहीं थी. उसका इतना बोलना था कि मैं परमानन्द को प्राप्त हुई, अपने शिखर पर पहुँच कर मेरा माल गिर गया और ओर्गास्म के साथ ही मैं मछली जैसे छटपटाने लगी. जिसे सोनू समझ गया और मेरी यह हालत देख कर जोश में सोनू का भी गिर गया.
मुझे मालूम था कि मेरे सेफ सुरक्षित दिन चल रहे हैं तो निश्चिंत होकर मैंने अपने अंदर ही गिरवा लिया और मेरा सगा बेटा सोनू मेरे ऊपर ही यानि अपनी सगी नंगी मां के ऊपर लेट गया!
करीब दस मिनट बाद सोनू उठा और चुपचाप अपने कमरे में चला गया!
मैंने उठ कर अलमारी से नाइटी निकाल कर पहनी और लेट गयी.
तभी शिवानी उठ कर बैठ गयी और बोली- मम्मी, भैया ने आपको बहुत प्यार किया न?
मैंने- हाँ बेटी, बहुत ज्यादा खुश कर दिया है, चलो अब सो जाओ तुम भी!
मेरे मन में शक पैदा हो चुका था कि शायद शिवानी सब समझ चुकी है क्यूंकि अब वो कोई बच्ची तो रह नहीं गयी, पूरी जवान हो चुकी है!
खैर इस बारे में फिर न शिवानी ने कुछ कहा, न ही मैंने!
और फिर हम दोनों मां बेटी भी सो गए!
सुबह पांच बजे सोनू ने दुबारा से आकर मेरे जिस्म को नोचा और जमकर अपनी माँ को चोदा पर इस बार उसका माल मैंने अपने मुँह में लेकर पी लिया था!
अब मुझे एक मर्द और मेरे बेटे को जवान औरत मिल चुकी थी और इस तरह से हम अपनी शारीरिक जरूरत यानी कामवासना पूरा करते हैं!
उस रात के बाद अब हम दोनों माँ बेटे खुल चुके थे पूरी तरह से! अगले दिन मैं दूकान चली गयी और बेटा कॉलेज चला गया, दिन एकदम सामान्य रोज़ की तरह गया.
लेकिन रात का नशा उतर नहीं रहा था, सच कहूँ तो मुझे पति से भी ज्यादा अपना बेटा पसंद आ रहा था क्योंकि छह फुट का जवान लड़का एकदम हट्टा-कट्टा अगर साथ में चले तो उसकी और मेरी उम्र से ज्यादा फर्क नहीं पता चलता!
खैर अब मुझे बदनामी का भी डर नहीं था चूँकि घर में ही सब मिल गया था मुझे!
शाम को करीब 9 बजे मैं दूकान बढ़ा कर घर आयी, शिवानी अपनी पढ़ाई में लगी हुई थी और सोनू लैपटॉप में कुछ कर रहा था!

मैं उसके पास गयी और पूछा- क्या कर रहे हो बेटा?

सोनू- मम्मी मुझे एक अंतर्राष्ट्रीय कॉल सेंटर में नौकरी मिली है कोलकाता में, महीने की तनख्वाह है छब्बीस हज़ार रुपये और इंसेंटिव अलग से!
मैंने- यह तो बहुत ख़ुशी की बात है बेटा!
सोनू- माँ, क्यों न हम लोग एक काम करें… यहाँ अब रहने का भी दिल नहीं करता, यह दूकान बेचकर हम कोलकाता ही शिफ्ट हो जाते हैं, मैं तुम और शिवानी! वहां खुलकर अपनी ज़िन्दगी जी भी पाएंगे हम लोग!
हालाँकि बात में दम तो था लेकिन मैं ससुराल वालों की वजह से थोड़ी हिचक रही थी, मैंने सोनू से कहा- बेटा सोचते हैं इस बारे में! इतनी जल्दी तो कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता.
इसके बाद मैंने सोनू से कहा- तुम्हें चिकन बहुत पसंद है न?
सोनू- हाँ मम्मी
शिवानी भी बोली- हाँ माँ, आज चिकन बनाया जाए!
मैंने सोनू को अंदर के कमरे में बुलाया और उसे पैसे दिए और कहा- बेटा, चिकन ले आओ, मैं बना देती हूँ!
इस पर सोनू मुस्कुराया और पैसे लेकर बाहर चला गया.
थोड़ी देर में सोनू चिकन लेकर आ गया, मैंने चिकन बनाया और सबसे पहले शिवानी को खिला दिया.
खाना खाने के बाद वो सोने चली गयी हॉल में!
फिर मैंने सोनू से कहा- बेटा, तुम अंदर के कमरे में चिकन लेकर जाओ, मैं अभी आती हूँ!
सोनू अंदर चला गया, घर का सारा काम कर के मैं भी अंदर कमरे में आयी. सोनू बेड पे लेटा हुआ था और चिकन बेड पे ही रखा हुआ था.
मैं भी बेड पर बैठ गयी.
जब तक सोनू के पापा थे, चिकन के साथ एक दो पेग दारू जरूर पीते थे और मुझे भी पिलाते थे.
चिकन तो दिख रहा था लेकिन कुछ कमी लग रही थी और मैं अपने बेटे से दारू की कैसे कहूँ? यह सोच कर मैं सोच में डूबी हुई थी.
तभो सोनू ने कहा- मम्मी, क्या सोच रही हो? खाओ न चिकन, तुम्हें भी तो बहुत पसंद है!
मैं- बेटा, पसंद तो है लेकिन ऐसे सूखा सूखा कुछ अच्छा नहीं लग रहा!
सोनू तुरंत समझ गया और मुझसे तपाक से कहा- मम्मी, क्या तुम पीती भी हो?
मैं- बेटा जब तक तुम्हारे पापा थे, मुझे हमेशा ही पिलाते थे चिकन के साथ!
सोनू हंसने लगा और बोला- चलो, अब पीने के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं … मैं लेकर आता हूँ अभी!
मैंने कहा- नहीं, रहने दे बेटा, अब कहाँ जायेगा!
इस पर वो बोला- अरे माँ, तुम चिंता न करो, मैं अभी लेकर आता हूँ, पीने के बाद रात वाला नशा फिर से चढ़ेगा और जबरदस्त!
सोनू बाहर गया और थोड़ी ही देर में एक ब्लेंडर्स प्राइड की बोतल ले आया, साथ में सोडा भी!
जब तक सोनू बाहर था तो उसे लुभाने के लिए मैंने अपनी पुरानी स्कर्ट और टॉप पहन ली जो सोनू के पापा मुझे पहनाया करते थे सेक्स करने के पहले! लेकिन ऐसे कपड़े पहन कर कभी कमरे से बाहर नहीं गयी थी मैं!
सोनू अंदर आकर बेड पे बैठा और मेरी गोरी चिकनी जाँघें निहारने लगा. मैं समझ गयी कि इसे मेरा बदन बहुत पसंद आ रहा है.
मैं उठी और दो गिलास और बर्फ लेकर आ गयी.
अब हम दोनों मम्मी बेटा बेड पे बैठ गए और मैंने पेग बनाया पटियाला … उसमें बर्फ डाली और सोनू को कहा- मुझे नहीं लगता कि हमें दो गिलास की जरूरत है. एक से ही हम दोनों पियें तो?
सोनू का लौड़ा फनफना के खड़ा हो चुका था, उसने अंडरवियर नहीं पहना था तो मैं साफ़ देख के महसूस कर पा रही थी सोनू के लन्ड को!
मैं समझ गयी कि बेटा अब गर्म हो रहा था. तो पेग उठा कर और एक हाथ में चिकन का लेग पीस लेकर मैं सोनू की जांघों पर बैठ गयी. पहले उसे चिकेन खिलाया, फिर घूँट घूँट कर के उसे पिलाने लगी और खुद भी उसी में से पी और खा रही थी.
बीच बीच में हम दोनों माँ बेटे एक दूसरे के होंठों को भी चूस रहे थे और सोनू ने हाथ मेरे टॉप के अंदर घुसा रखा था और मेरे निप्पलों को मसल रहा था जिससे मैं अब धीरे धीरे गर्म हो रही थी.
एक पेग ख़त्म होने के बाद मैं दूसरे पेग उठाने के लिए उठी तो सोनू ने अपने सारे कपड़े खोल दिए और अपना खड़ा लन्ड मेरी स्कर्ट के ऊपर से ही मेरी गांड के छेद पर भिड़ा दिया.
मेरे मुँह से आउच निकल गया, मैंने जानबूझ कर आज ब्रा और पैंटी नहीं पहनी थी.
मैं पेग बना कर एक हाथ में चिकन लेकर खड़ी होकर अपने बेटे के मोटे मूसल लौड़े को देखने लगी. इतने में सोनू नीचे बैठ गया और मेरी स्कर्ट के अंदर घुस के मेरी चूत अपनी जीभ से चाटने लगा.
मैं कसने लगी थी, मेरी जवानी एकदम उफान मार रही थी, मेरे मुँह से सिसकारियां निकलने लगी अपने आप! मुझसे सहन नहीं हुआ और मैंने आधा पटियाला खुद ही पी लिया और बाकी अपनी स्कर्ट के अंदर डालने लगी जो मेरी चूत तक पहुंच रहा था और वहां से मेरे बेटे के मुँह में!
सोनू अब मेरी चूत से बहती हुई शराब और मेरी चूत के निकलते पानी का एक साथ मज़ा उठा रहा था.
थोड़ी देर बाद सोनू ने मेरी स्कर्ट खींच दी और अपनी ही माँ को नंगी कर दिया और खड़े होकर मुझसे लिपट गया. मैंने भी कस के पकड़ लिया अपने बेटे को और हम एक दूसरे को चूमने लगे थे पागलों के जैसे!
फिर सोनू ने कहा- मम्मी, तुम अपने पूरे नंगे बदन पर शराब गिरा के मुझे पिलाओ, तुम्हारी जाँघें चूसने का दिल कर रहा है!
यह सुनकर मैं और गर्म हो गयी और मैंने शराब अपनी जांघ पे गिरायी जिसे मेरा बेटा चाटता चला गया.
मैं खड़ी ही थी कि अचानक उसने मुझे किस किया और मुझे घुमा दिया और खुद नीचे बैठ गया और मेरी गांड के दोनों पल्लों पर किस करने लगा फिर दांत से काटा.
बेटे के द्वारा गांड पे दांत काटने और मेरी गांड को मसलने पर मेरी चूत से पानी नहीं बल्कि झरना बहने लगा था. मैंने कहा- सोनू बेटा, गांड मारेगा या चूत चोदेगा अपनी माँ की?
सोनू- मम्मी, आज सिर्फ तेरी चूत पेलूंगा मैं … और एक बात कहना चाहता हूँ मम्मी तुझसे … लेकिन एक शर्त है!
मैं- कैसी बात और कैसे शर्त? जो ख़ुशी तू मुझे दे रहा है उसके लिए मुझे तेरी सारी शर्तें और बातें मंजूर हैं. बता जो भी कहना है?
सोनू- रुक फिर … तेरी गांड भी मार ही लेता हूँ… तेरी गांड में अपना लौड़ा डालने के बाद तुझे चोदते हुए बताऊंगा!
मैं- ठीक है बेटा, ले बन गयी मैंने तेरी कुतिया, अब कुत्ता नहीं तू आज सांड बन के मेरी गांड चौड़ी कर दे मेरा राजा बेटा!
सोनू ने फिर मुझे पीछे से मेरी कमर को पकड़ा और एक ही बार में सरसरा के अपना पूरा लौड़ा मेरी गांड में घुसेड़ दिया, मैं चीख पड़ी लेकिन नशे में थी तो दर्द महसूस नहीं हुआ.
अब सोनू मेरी गांड मारते हुए मुझसे बोला- मम्मी, तू मुझे बहुत पसंद है. कोलकाता चल, वहां हमे कोई जानता भी नहीं होगा. वहां ढंग से खुल के दिन रात तेरी जवानी की गर्मी उतारूंगा!
यह सुनकर मेरे जोश की कोई सीमा न रही क्यूंकि मैं दिन रात लन्ड चाहती हूँ अपनी चूत में! मैंने कहा- आअह्ह्ह बेटा, ठीक है! चल, जल्दी से जल्दी मैं भी अपनी जवानी एन्जॉय करना चाहती हूँ! लेकिन वहां अगर कोई पूछेगा तो तेरा बाप कौन है और तेरा मेरा रिश्ता क्या है तो क्या कहेंगे? क्यूंकि मैं जब ज्यादा जोश में आ जाऊँगी तो आवाज़ होगी और पड़ोसी जान जायेंगे!
सोनू- मम्मी साली, तू चिंता मत कर! एक तो बड़े शहर में किसी को किसी से मतलब नहीं होता. अगर कोई पूछेगा भी तो कह देना मैं ही तेरा पति हूँ. जरूरत पड़ी तो शादी कर लेना मुझसे कुछ साल के लिए ताकि तू और मैं दोनों अपनी जवानी के मज़े लूट सकें!
यह बोलकर सोनू ने मेरी गांड से अपना लौड़ा निकला और सीधा खड़े कर के मेरी चूत में पेल दिया और मेरी गांड पकड़ के मुझे गोदी में उठा लिया और मैंने भी तुरंत उसके कंधे पकड़ लिए और हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे!
मैंने कहा- बेटा, तो फिर शर्म किस बात की? वहां कोई हमें पहले से जानता नहीं, तो क्यों न हम दोनों शादी कर लें ताकि समाज में कोई कुछ बोलेगा भी नहीं और हम आराम से मजे लूट सकते हैं. और जब तुझे अपनी सही वाली शादी करनी होगी तो किसी दूसरे सिटी में जाकर बस जायेंगे!
सोनू- एकदम सही कह रही हो तुम मम्मी, यही प्लान करते हैं जल्दी से जल्दी! लेकिन शिवानी को कैसे समझायेंगे?
मैं- उसे मैं समझा दूंगी, तुम चिंता न करो, वो सब समझती है अब, उसको मैं समझा दूंगी पर मुझे तुमसे भी एक चीज़ चाहिए!
अब सोनू ने मुझे बेड पे पटक दिया और मेरे दोनों पैर अपने कंधे पे रख कर मेरी चूत को चोद चोद कर भोसड़ा बनाने लगा और बोला- बोल न मम्मी, क्या चाहिए तुझे?
मैं- मुझे एक बच्चा चाहिए तेरा अपनी कोख में! पहले कुछ साल मेरी जवानी का रास निचोड़ अच्छे से उसके बाद बच्चा टिका देना मेरी कोख में!
इतना सुनते ही उसने मेरे दोनों बूब्स कस के मसल के मेरी चूत को फाड़ डालने के जैसे चोदने लग गया और बोला- मैं भी चाहता हूँ मम्मी कि तू मेरे बच्चे की मम्मी बने!
इतना सुनकर मैं भी अपनी गांड उठा कर अपने बेटे का पूरा साथ दे रही थी अपनी चूत को चुदवाने में और सोनू से कहा- बेटा, बर्बाद कर दे मेरी चूत को! आज इतना कस कस के चोद कि मैं बेहोश हो जाऊँ और मेरी चूत का भोसड़ा बना दे तू आज! चोद साले हरामी रंडी की औलाद, अपनी ही माँ को चोद रहा था है साले मादरचोद… और चोद मुझे! अपनी माँ की जन्म जन्म की जिस्म की आग बुझा दे रे हरामखोर!
मेरा जोश एकदम सातवें आस्मां पे था और शराब का नशा था सो अलग, सोनू भी नशे और जोश से लबालब भरा हुआ था, वो बोला- ले न मम्मी साली, एकदम रांड बना के छोड़ूँगा तुझे, ऐसे पेलूंगा जैसे तुझे पैसे देकर लाया हूँ और चोद चोद के पैसे वसूल करने हैं!
मैंने- हाँ बेटा चोद अपनी माँ की चूत… मज़े ले पूरे मेरी जवानी के!
थोड़ी ही देर में हम दोनों का एक साथ गिर गया मेरी चूत के अंदर ही! मैं तुरंत उठी और पेशाब करके आयी ताकि सोनू का सारा माल निकल जाए!
फिर हम दोनों नंगे ही सो गए और सुबह बहुत लेट उठे. तब तक शिवानी स्कूल जा चुकी थी. हम समझ गए थे कि उसने हम माँ बेटे को नंगे देख लिया है. लेकिन दारू के नशे के कारण हमारी नींद नहीं खुली!
खैर हमारे लिए तो बढ़िया ही था तो हम सुबह नाश्ता वगैरह करने के बाद प्लान बनाने में लगे हुए थे कि अब कोलकाता का प्रोग्राम कैसे क्या होगा और शिवानी को कैसे राज़ी किया जाए!
दो बजे गए और शिवानी स्कूल से आ गयी. वो चुपचाप अंदर आयी और अंदर से आवाज़ दी- मम्मी इधर आओ!
मैं तुरंत उसके पास गयी और पूछा- क्या हुआ बेटी, सुबह तुम बिना नाश्ते किये ही स्कूल चली गयी?
शिवानी- मम्मी, कल रात मैंने सब कुछ देखा था भैया जिस तरह से तुम्हे प्यार कर रहे थे, मुझे अच्छा लगा क्यूंकि पापा के जाने के बाद तुम्हें इतनी खुश मैंने कभी नहीं देखा!
मैंने- बेटी, यह बात किसी को न बताना और अब हम सब कोलकाता चलेंगे!
शिवानी- माँ, जिसमें तुम खुश हो, वही ठीक है, बड़े शहर में जाऊँगी तो मेरी पढ़ाई भी ठीक से होगी. मैं किसी से कुछ नहीं कहूँगी, आप और भैया को जो ठीक लगे वो कीजिये, मैं आप लोगों का पूरा साथ दूंगी!
यह सुनकर मेरी टेंशन ही ख़त्म हो गयी और मैंने सोनू को भी सब कुछ बताया.
कुछ दिन तक ऐसे ही चला, फिर हम कोलकाता के लिए निकलने का प्लान बनाने लगे, दूकान बेच दी और टिकट भी करवा ली!
तो दोस्तो, माँ की चूत गांड चोदन कहानी का यह भाग आपको कैसा लगा, मुझे ईमेल कर के जरूर बतायें!
मेरा ईमेल है- sharma.prabha1981@gmail.com
आपकी अपनी रांड: माँ प्रभा
Also Read:-

Print This Page

Related posts