Mummy Ki Muh Se Siskari Nikal Rahi Thi

Mummy Ki Muh Se Siskari Nikal Rahi Thi

मेरा नाम दीपक है, आज मैं आप लोगो को एक घटना बताने जा रहा हूँ. मेरे घर मे मा पापा ओर भैया भाई रहते है, दीदी भी अपने ससुराल मे रहती है. हम सब पंचकुला के पास एक छोटे गाँव मे रहते है. पापा की उम्र 52 साल है ओर उनका खुद का बिज़्नेस है , भैया भी पापा का बिज़्नेस संभालते है. भैया की शादी 5साल पहले हुई थी. ओर दीदी की 3साल पहले. मा की उमरा 48 साल है ओर बो एक बड़ी ही सीधी सादी भारतीय महिला पर बड़ी ही हॉट है अंदर से.

आज जो मैं आपके सामने कहानी पेश कर रहा हु वो किसी की नहीं मेरी मा की ही है जो एक सतीसावित्री होने के बावजूद किसी गैर मर्द से चुद जाती है या तो ये कहिये की नाजायज सम्बन्ध बना लेती है. ओर बो गैर मर्द ओर कोई नहीं मेरे दीदी के ससुर है और मेरी माँ के समधी.

बात पिछले साल की है, एक रत जब हम सब खाना खा रहे थे तब पापा ने कहा क्यूँ ना इस होली पे समधी जी को बुलाया जाए. मैं हाँ इस बार होली मे अंकल आंटी हमारे घर होली खेल लेगे. भाभी भी बोली हाँ पपाजी बुला लीजिए. मा- हाँ बुला लीजिए. यानि की सबने हां में जवाब दिया.

दूसरे दिन पापा ने अंकल को फ़ोन कर बुला लिए. भैया ओर भाभी भी चले गये भाभी के मायके मे. 3-४ दिन बाद ही अंकल ओर आंटी ओर दीदी जीजू हमारे घर आ गये, हम सब ने उनका स्वागत किया. दीदी बहुत खुस दिख रही थी. हमारे मे औरते घुँगत निकलती है. होली के दिन हम सब ने होली खेली. दीदी-भैया ओर भाभी कहा गये. मा- तेरी भाभी के गाँव होली मानने.मा ओर दीदी अलग अलग पकवान बना रही थी. रात को पापा ओर अंकल पीने बैठे थे. पापा ने अंडर से बोतल ओर पानी लाने बोला.

मैं सब उनको लाकर दे दिया. कुछ देर पीने के बाद पापा ने आंटी को देने कहा मैने बो पेग जाकर आंटी को दे दिया. बाद मे मां ने मुझे बाहर से कुछ समान माँगया बो लाने मैं चला गया. थोड़ी देर बाद पापा ने फिर से बोतल मंगाई. मैं घर पर नहीं था इसीलिए मा बोतल देने चली गयी. मा ब्राउन कलर की साड़ी पहनी थी. मा जैसे ही बोतल रखने लगी वैसे ही अंकल ने हाथ बढ़ा कर बोतल पकड़ ली जिससे बो मा के हाथो को छू लिए. मा बोतल रख जाने लगी. तभी अंकल -रुकिये ज़रा संधान जी जी. मा वही खड़ी हो गयी. फिर अंकल ने भी एक पेग बनाया ओर मा को देने लगे. पहले तो मा ने माना किया.

फिर बाद मे ले ली. पेग देते वक्त अंकल ने मम्मी की उंगलिया सहला दी. मा कुछ नहीं बोली ओर पेग पी ली. मा को बहुत कड़वा लगा. पापा भी बहुत फुल हो चुके थे. फिर मा ग्लास रखने लगी तभी अंकल ने फिर से हाथ आगे कर मा के हाथो पर हाथ रख ग्लास पकड़ लिए ओर साथ ही मा के हाथो को सहलते हुए मा को देखने लगे. मा शर्मा कर अंदर चली गयी. रात को सब खाना खाने के बाद सब सोने चले गये पापा अंकल एक कमरे मे ओर मा, आंटी, दीदी एक कमरे मे , ओर मैं ओर जीजू एक कमरे मे. सुबह पापा जल्दी ही ऑफीस चले गये. मा ओर दीदी काम कर रही थी ओर आंटी नहाने चली गयी.
दीदी- मा वो (मैं) तो अबतक उठा ही नहीं तो चाय कौन देगा पपाजी को.
मा- बो तो सो रहा है. ला दे मैं ही देके आती हूँ. मा चाय लाकर पापा के कमरे मे गयी.

मा जैसे ही अंदर गयी वैसे ही उनकी आँखे फटी फटी रह गयी. अंदर अंकल सिर्फ़ अंडरवियर मे सो रहे थे. पहले तो मा सोची की वापस चली जाऊं, लेकिन फिर रुक गयी. मा ने कप रखा ओर अपने एक हाथ आगे कर अंकल को उठाने लगी. समधी जी उठिए उठिए. अंकल थोड़ा इधर उधर हुए फिर नींद मे ही मा का हाथ पकड़ अपने उपर खींच लिए.मा सीधे जाकर अंकल की बाँहो मे गिर पड़ी. अंकल मा को अपनी बाँहो मे भिचने लगे. मा बहुत डर गयी थी.

मा-ये आप क्या कर रहे है समधी जी चोदिये मुझे. मा उठने की बार बार कोसिस कर रही थी. फिर अचानक अंकल की नींद खुली.और उन्होंने माँ को छोड़ दिया, माँ उठ कर खड़ी हो गई.

मा पूरी पसीने पसीने हो गयी थी. ओर साड़ी भी खराब हो चुकी. मा रोने लगी.अंकल डरते हुए -मुझसे ग़लती हो गयी मुझे माफ़ कर दीजिए. मा कुछ नहीं बोली ओर चली गयी. मा बहुत घबरा चुकी थी. ओर रोने भी लगी. रात मे पापा भी आ गये. अंकल ओर पापा ओर मैं जीजू भी खाना खाने लगे. मा अंदर ही थी.तभी पापा ने आवाज दी मा सब्जी लेकर आई. माँ थोड़ी सरमे हुई घूँघट में थी.

मा सब्जी डालने लगी. अंकल मा को घूर रहे थे. शायद मम्मी को भी ये पता था.मा चोरी से अंकल की ओर देखी जो मुस्कुरा रहे थे जिसे देख मा भी मन ही मन मुस्कुरई.फिर मम्मी अंदर चली गयी. वहा भी मा चोरी चोरी मस्कुरा रही थी. दूसरे दिन सुबह फिर आंटी नहाने चली गयी.ओर पापा भी उठ कर मंदिर चले गये.मा दीदी से -बेटी चाय डाल दे मैं देके आती हूँ तेरे ससुर को.

फिर मा चाय लेकर उनके के कमरे मे गयी. जहा अंकल कल की तरह सिर्फ़ अंडरवेर मे थे. मा उन्हे देख शरमाई फिर कप रख अंकल को उठाने लगी.मा-प्यार से समधी जी उठिए. शायद अंकल पहले से जाग रहे थे , अंकल ने मा का हाथ पकड़ अपने उपर खिच लिए. मा भी तपाक से उनकी बाहों मे गिर पड़ी. अंकल मा को अपनी बाहों मे भिचने लगे.मा मायूस आवाज़ मे- छोड़िये ना ये आप क्या कर रहे है.अंकल मा को नीचे कर खुद मा के उपर आ गये. मा कसमसा रही थी.

अंकल मा की आँखो मे देख अंकल ने कहा जो आप और मैं दोनों चाहते है. मा ये सुन शर्मा गई. जिससे अंकल खुश हो गये. अंकल मा को किस करने जा रहे थे तभी मा ने उन्हे धक्का देकर हटा दिया ओर उठ कर खड़ी हो गयी. मम्मी शरमाते हुए – ये रही आप की चाय . ओर वहा से चली गयी. मा बहुत खुस नज़र आ रही थी. दोपहर मे खाना खाते समय

अंकल- अच्छा समधी जी तो आज जाना है हमें, पापा-समधी जी 1-२ दिन ओर रुक जाओ. कुछ ही देर मे बड़ा बेटा ओर बहू भी आने बाले है उनसे भी मिल लेना. ओर कहीं घूमने भी चले जाना.फिर थोड़े समय बाद ही भैया भाभी आ गये. पापा-बेटा इनको भी कही घुमा लाओ. भैया हाँ क्यूँ नहीं हम सब चलेगे. मम्मी-आप सभी चले जाओ मैं यही रहूंगी. घर पे भी तो कोई रहना चाहिए.आंटी-इनको भी चलने मे प्रॉब्लम होती है तो ये भी नहीं आ पायांगे. अंकल -हाँ बेटा मैं नहीं चल सकता. अंकल मुस्कुराते हूँ मा की तरफ देखे.मा भी उन्हे देख शरमाई.आंटी-हाँ इनको पसंद नहीं.जीजू-तो पापा को रहने दो हम सब चलते.

पापा- मुझे भी काम के सिलसिले मे बाहर जाना है. मैं-तो ठीक है आप सब चले जाओ मैं यही रुक जाता हूँ.एक घंटे बाद ही पापा चले गये. ओर बाकी सब भी रेडी होने लगे. शाम को सब चले गये घूमने. घर पे सिर्फ़ मैं मा ओर अंकल ही रह गये थे. अंकल भी बाहर मार्केट चले गये. मैं अपने कमरे मे पढ़ाई करने लगा ओर मा खाना बनाने लगी. कुछ ही देर मे अंकल आ गये. अंकल टीवी देखने लगे. मैं भी अंकल के साथ टीवी देखने लगा.अंकल मेरी पढ़ाई के बारे मे पूछ रहे थे.

थोड़ी देर तक हम बाते करते रहे मा बाहर आई माँ-खाना परोस दू .मैं- हाँ मा बहुत भूख लग रही है मैं ओर अंकल साथ मे खा लेगे. अंकल-बेटा तुम खा लो मैं बाद मैं खा लुगा. ओर तुम्हे पढ़ाई का कम भी तो करना है. माँ-हाँ बेटा तुम खा लो तुम्हे पढ़ाई भी तो करणी है. मैं खाना खा कर अपने कमरे मे चला गया. ओर दरवाजे की छेद से बाहर देखने लगा. मा रसोई मे थी. मा रसोई से एक दारू की बोतल ओर पानी की बोतल, कुछ चखने लाकर टेबल पे रखने लगी मा-कुछ और चाहिए तो बुला लीजिए गा.

अंकल -आप नहीं बैठेंगे हुमारे साथ. मा कुछ नहीं बोली ओर अंकल के पास ही बैठ गयी. अंकल: यहाँ तो कोई नहीं है भीर फिर आप घूँघट में है. मा- मैं.आपके सामने कैसे बिना घूँघट के बैठ सकती हूँ. अंकल-मुझे कोई एतराज नहीं है आप अपना घूँघट हटा सकते है. मा-दीपक तो है,अंकल-बो अंदर पढ़ाई कर रहा है.फिर मा ने अपना घूँघट हटा दिया.उनकके मुस्कुराते हुए मा को देख रहे थे मा ने अपनी आँखे नीचे कर ली.अंकल -सच आप इस उमर मे भी बहुत सुंदर लग रही है. मा थोड़ा शरमाई.

अंकल ने बोतल खोलते हुए मा से कहा-लीजिए पेग बनाए. मा-नहीं नहीं आप ही बनाए. अंकल – आज आपके हाथो से बनाया पेग पीना चाहते है. मा एक पेग बनाने लगी. अंकल -एक ही क्यूँ? मा-मैं नहीं पीती.अंकल-थोड़ा हमारेलिए भी नहीं. मा थोड़ा सा अपने लिए भी पेग बना ली. फिर अंकल पिने लगे. मा ने भी एक घुट पिया. अंकल- संधानजी आज जो सुबह मे हुआ आप नाराज़ तो नहीं है ना. मा कुछ नहीं बोली.फिर थोड़ी देर बातचीत हुई. मा को थोड़ा नशा हो गया.

मा-अब परोस दू खाना.अंकल-हां . फिर मा खाना डालने लग गई .मम्मी ओर अंकल ने साथ मे खाना खाया. खाने के बाद मा सफाई करने लगी. अंकल मा को घूर रहे थे. काम करने के बाद मा ने मेरा दरवाजा खटखटाया लकिन मैने कोई रेस्पोन्स नहीं दिया तो मा को लगा की मैं सो गया हूँ. मा अंकल का विस्तर लगाने लगी. तभी अंकल अंदर आए.ओर पीछे से मा को अपनी बहो मे भर लिए.

मा-ये आप क्या कर रहे है, छोड़िये मुझे. समधन जी ५ साल हो गये.इन ५ सालो मे मुझे बो सुख नहीं मिला. मा-देखिए मैं आपकी भावना समझ सकती हूँ. लकिन मैं ऐसा नहीं कर सकती .अंकल-समधन जी मैं भी समझ सकता हूं लकिन आप भी बो सुख पाना चाहती है जो हर औरत चाहती है, मुझे पता है समधी जी का जब ऑपरेशन हुआ तब से बो आप को सुख नहीं दे पा रहे है. मा-हाँ लकिन ये ग़लत है मैं ऐसा नहीं कर सकती

अंकल मा का हाथ पकड़ते हुए- प्लीज मैं आप को नीरस नहीं करूँगा , मान जाइए कहकर अंकल मा को गले लगा लिए. मा भी अंकल की बाहों मे सिमट सी गयी. अंकल-भगवान की भी यही मर्ज़ी है इसीलिए आज हम मिले है

मा- लेकिन दीपक? अंकल-बो सो चुका है अंकल ने मा को एक गजरा दिया. अंकल-ये आप के लिए. मैं चाहता हूँ की आज रात ये गजरा आप लगाए. मा गजरा लेकर अंदर चली गयी. ओर तैयार होने लगी. मा ने एक न्यू रेड कलर की सारी पहनी. हाथो मे चूड़िया ओर गले मे मंगल सूत्र पहनी. बिल्कुल एक नयी नवेली दुल्हन की तरह लग रही थी. मा ने सिंगार भी किया ओर अंकल का दिया हुआ गजरा भी लगाया. फिर मा एक ग्लास दूध ओर घूँघट निकल कर अंकल के कमरे मैं गयी , अंकल मा को देख खुस हो गए.अंकल ने मा से दूध का ग्लास लिया ओर उसे टेबल पे रख दिए. फिर मा को पलंग पे बैठ गयी. मा एक दुल्हन की तरह बैठी थी.अंकल-समधनजी आज मैं बहुत खुस हूँ कहते हुए अंकल ने मा का घूँघट उपर किया. अंकल-सच्ची आज आप अप्सरा लग रही है मा शर्मा गयी.

मा ने ग्लास उठाया ओर अंकल की ओर करने लगी. अंकल ने मा के हाथो को पकड़ लिया.मा अंकल को दूध पिलाने लगी.अंकल मा को सेक्सी निगाहो से देख रहे थे.ओर मा के चेहरे पे एक मुस्कान दिख रही थी. पीने के बाद अंकल ने ग्लास रख दिया. ओर मा के कंधो मे रख मा को बिस्तेर पे लेटने लगे. मम्मी शरमाती हुई-पहले लाइट तो बंद कर लीजिए. अंकल-लाइट बंद कर दूँगा तो तुम्हरी खूबसूरती कैसे देख पाउँगा. मा-नहीं मुझे शरम आ रही है.

फिर अंकल ने लाइट बंद कर एक.बल्ब जला दिया. मा बिस्तर पे लेटी हुई थी.अंकल गये ओर मा के ऊपर लेट कर मा को अपनी बाहों मे भर लिए. मम्मी भी उनकी बाहणो मे सिमट गयी.अंकल ने मा के सिर पे किस किया. फिर मा के गालो को किस करने लगे. मा के मुह से इस इस इस इस की अबाज निकल रही थी. मा के हाथ अंकल के कंधो पे थे. अंकल ने मा के हाथो को अपने हाथो मे कस लिए.ओर मा के होठ पे अपने होठ रख दिए. मा को सिहरन सी हुई ओर उसने अपनी आँखे बंद कर ली. अंकल मा के होतो को चूस रहे थे.

मा भी उनके होठ चूसने मे उनका साथ दे रही थी. अंकल ने एक हाथ से मा के साड़ी का पल्लू हटा दिया ओर मा के बड़े बड़े बूब्स को ब्लाउज के उपर से ही सहला रहे थे. मां के मूह से सिसकारिया निकल रही थी.अंकल मा की चूचियों को धीरे धीरे मसल रहे थे.मा आअहह कर रही थी.

अंकल मा को किस करते हुए दोनो हाथो से मा की दोनो चुचिया मसल रहे थे.अंकल ने मा की मंगलसूत्रा निकल दिया ओर मा की गर्दन पे किस करने लगे. मा भी अंकल की पीठ पे अपने हाथ फेर रही थी. अंकल ओर मेरी माँ दोनो एक दूसरे के पैर से पैर मसल रहे थे.अंकल ने अपनी कुरता ओर बनियान निकल दी ओर अपनी पजामा भी निकाल दी.

मा उन्हे कपड़े निकलते हुए प्यार से देख रही थी. अब अंकल सिर्फ़ अंडरवियर मे ही थे. अंकल मा को बाहणो मे भर लिए ओर बेहतासा चूमने लगे. अंकल का लंड मा की चूत पे चुभ रह था जिसे मा ओर उतेज़ित हो गयी थी.अंकल मा के बूब्स ब्लाउज के उपर से ही चूम रहे थे.

अंकल अपने हाथ मा की छोड़ी कमर ओर पेट पे फेर रहे थे. अंकल -आहह सुरुचि जी सच मे अंदर बहुत आग है. मा – हां समधी जी इस आग को आप बुझा दीजिए, अंकल-आपकी आग बुझाने के लिए मैं कब से बेताब हूँ. अंकल- अब यहाँ तो कोई नहीं है आप मुझे अब भी समधी कहेंगे. मा मुस्कुराते हुए-तो फिर क्या कहु. अंकल-बही जो आप अपने पति को कहती है. मा शरमाती हुए -आप भी ना!

फिर दोनो एक दूसरे को चूमने चाटने लगे. कभी मा अंकल के उपर तो कभी अंकल मा के ऊपर. इन सब मे मा की सारी पूरी निकल गयी अंकल मा के ब्लाउज के बटन खोलने लगे मा अपने हाथो से अपने बूब्स छुपाने लगी अंकल मा के हाथ हटा दिए ओर ब्रा भी निकल दी.

अब मा सिर्फ़ पेटीकोट मे थी. अंकल मा के बूब्स मसलने लगे. मा-आहहहहह. अहहहू करने लगी. अंकल मा के एक बूब्स को मूह मे लेकर चूसने लगे.ओर दूसरे को मसलने लगे.

अंकल दूसरे बूब्स को भी चूसने लगे.ओर निपल को काट रहे थे.मम्मी को देख लगता नहीं की वो बड़ी ही सीधी सादी और सती सावित्री होकर किसी.गैर मर्द से समन्ध बना लेगी.अंकल मा के पेट ओर नाभि को चूम रहे थे ओर हाथ से पेटीकोत उपर कर मा की जांघ सहला रहे थे मा अंकल का हाथ हटाने की कोसिस कर रही थी. अंकल ने पेटीकोत का नाड़ा खोल दिया ओर उसे हाथो से सरकाने लगे. मा ने खुद ही अपना पेटीकोत अपने पैरो से निकल दिया.

अब मा सिर्फ़ एक पेंटी मे थी.ओर दोनो एक दूसरे की हहों मे सिमट रहे थे. मा भी अंकल की बालो से भरी छाती सहला रही थी. अंकल अपने हाथ मा के गरम जिस्म प सहला रहे थे. दोनो.की गरम साँसे एक दूसरे महसूस कर रहे थे.अंकल बार बार मम्मी का हाथ पकड़ अपने लंड पर रख रहे थे, लकिन मम्मी अपना हाथ हटा रही थी.अंकल मा की पेंटी नीचे कर रहे थे. मा माना कर रही थी. अंकल ने फिर मा का हाथ पकड़ अपने लंड पे रख दिया. इस बार मा ने भी उनका लंड पकड़ लिया.

ओर अंकल को देख शरमाने लगी,अंकल मा की चुचिया मसल रहे थे.मैं कभी सोच नहीं सकता था की मेरी मा ऐसा कर सकती है. मा अंकल का लंड हाथ मे लेली.अंकल का लंड बहुत बड़ा लग रह था. अंकल ने मा की पेंटी नीचे करने लगे. ओर मा की गोरी चौड़ी गांड पे हाथ फैरने लगे. अंकल ने अपना अंडरवियर भी उतार दिया.अब दोनो नंगे हो चुके थे.अंकल का काला लॅंड मा सेक्सी निगाह से देख रही थी. दोनो फिर एक दूसरे की बाहो मे सिमट गये.

अंकल का लंड मा की चूत मैं चुभ रह था. अंकल ने अपने हाथ से मा की बालो से भारी. चूत मे उंगली करने लगे. ओर मा अंकल का लंड हाथ मे लकर् आगे पीछे करने लगी.अंकल- आप कैसे निकाल लिए इतनी राते बिना चुदाई के. मा तो कर भी क्या सकती मैं अंकल- मैं भी बहुत तड़पा हूँ. मैं आप का सुकरगुजार हूँ की आपने मुझे अपने काबिल समझा.

मा- मैं जानती थी की आप भी इतने सालो.से खुस नहीं है. पर मुझे डर लगता था की कही बदनामी.ना हो जाए.अंकल-आप फिकर ना करे मैं आप को कोई परेशानी नहीं आना दूँगा. दोनो अपने अपने जिस्म से एक दूसरे को गर्मी दे रहे थे.अंकल उठे ओर मा को सीधा कर मा की टाँगे चौड़ी कर दिए. जिसे मा की फुल्ली. हुई चूत दिख रही थी. मा की चूत से पानी टपक रहा था.अंकल मा की टॅंगो के बीच बैठ गये.

ओर अंकल-तो लगा दी अपने प्यार की मुहर. मा शायद उन्हे आँखो से इशारा की अंकल ने लंड का टोपा मा कि चूत पे रखे. जिसे मा के पूरे सरीर मे आग लग गयी. माँ ने अपने पैर अंकल की कमर पे बाँध ली. अंकल ने एक ज़ोर का धक्का दे मारा.

मा–उूुउउ उूउउ ईईइ ईयी ईईईई,एम्म एमेम माआ आआ सस्शह हह हह हह हह.अंकल का टॉप्स अंडर चला गया अंकल मा के होठो को चूसने लगे अंकल ने एक झटका ओर मारा. मम्मी-आहह. अंकल का आधा लंड चला गया. अंकल मा के निपल चुस्स रहे थे ओर कमर हाथ फेर रहे थे.जिससे मा का दर्द कुछ कम हुआ अंकल-कैसा लग रहा है.मा कुछ नहीं बोली सिर्फ़ हंस दी.

अंकल ने मा की कमर पकड़ी ओर धीरे धीरे धक्के मारने लगे मा आअहह सहहहह कर रही अंकल अपनी कमर हिला कर मा को चोद रहे थे. मा की चूत से बहुत पानी गिर रह था.अंकल ने अपनी स्पीड थोड़ी तेज कर ली. लंड पानी की बजह से आबाज आ रही थी फुच्छ फूच फुच्च फच्छ.

मा भी- आअहह म्मर्र गयी मैं आअहह अंकल मा को जोर जोर से चोद रहे थे माँ भी अब अंकल को अपनी बहो मे भर अपनी गांड आगे पीछे कर अंकल का साथ दे रही थी. ३० मिनट तक दोनो की चुदाई चलती रही अंकल- क्या कहती है आप मैं माल सारा चूत के अंदर डाल दू. फिर अंकल चोदते चोदते अचानक से रुक गये ओर मा को अपनी बहो मे कसने लगे माँ भी अंकल से लिपटरहीथी अंकल का सफ़ेद वीर्य मा के चूत मैं जाने लगा. जिसे मा महसूस कर रही थी कुछ देर दोनो ऐसे ही बाहों मे लेते रहे. जब अंकल का लंड पूरा मुरझा गया तब माँ के साइड मे लुढक गये. मा की अब भी साँसे उपर नीचे हो रही थी. मा की चूत से अंकल का वीर्या निकल रहा था.उसके बाद मैं अपने कमरे मैं आके सो गया.

सुबह 6बजे जब मैं उठा तो.बाहर कोई नहीं दिखा. मैं अंकल के कमरे की तरफ गया तो देखा मा ओर अंकल अब तक नंगे ही एक दूसरे की बाहणो मे सो रहे है. मैं वापस आके सो गया. आधे घंटे बाद मा दरवाजा खटखटाई , मैने दरवाजा खोला. सामने मा खड़ी थी.

माँ :- उठो कॉलेज नहीं जाना मा बहुत थकी सी लग रही थी ओर मा के बाल भी खुले हुए थे. फेस पे दाँतों के निशान दिख रहे थे. साड़ी भी जल्द जल्द मे बँधी हुई लग रही थी. मैं -हाँ मा आ रह हूँ.

फिर मा किचन मे चली गयी.ओर मैं नहाने. वहा ड्रा मे से मैंने कोलगेट निकाली तभी मेरी नज़र नीचे के ड्रॉ मे पड़ी. उसमे कुछ कपड़े.मैने बो कपड़े देखे बो अंकल के थे ओर उसमे मा की ब्रा ओर पेंटी भी थी. जो अंकल के वीर्य से भरी हुई थी. मैने कभी नहीं सोचा था की मेरी मा ऐसा कर सकती है. खैर जो किया अच्छा किया उसे भी तो लंड चाहिए.

Mummy Ki Muh Se Siskari Nikal Rahi Thi

mera naam deepak hai, aaj main aap logo ko ek ghatana bataane ja raha hoon. mere ghar me ma paapa or bhaiya bhaee rahate hai, deedee bhee apane sasuraal me rahatee hai. ham sab panchakula ke paas ek chhote gaanv me rahate hai. paapa kee umr 52 saal hai or unaka khud ka biznes hai , bhaiya bhee paapa ka biznes sambhaalate hai. bhaiya kee shaadee 5saal pahale huee thee. or deedee kee 3saal pahale. ma kee umara 48 saal hai or bo ek badee hee seedhee saadee bhaarateey mahila par badee hee hot hai andar se.

aaj jo main aapake saamane kahaanee pesh kar raha hu vo kisee kee nahin meree ma kee hee hai jo ek sateesaavitree hone ke baavajood kisee gair mard se chud jaatee hai ya to ye kahiye kee naajaayaj sambandh bana letee hai. or bo gair mard or koee nahin mere deedee ke sasur hai aur meree maan ke samadhee.

baat pichhale saal kee hai, ek rat jab ham sab khaana kha rahe the tab paapa ne kaha kyoon na is holee pe samadhee jee ko bulaaya jae. main haan is baar holee me ankal aantee hamaare ghar holee khel lege. bhaabhee bhee bolee haan papaajee bula leejie. ma- haan bula leejie. yaani kee sabane haan mein javaab diya.

doosare din paapa ne ankal ko fon kar bula lie. bhaiya or bhaabhee bhee chale gaye bhaabhee ke maayake me. 3-4 din baad hee ankal or aantee or deedee jeejoo hamaare ghar aa gaye, ham sab ne unaka svaagat kiya. deedee bahut khus dikh rahee thee. hamaare me aurate ghungat nikalatee hai. holee ke din ham sab ne holee khelee. deedee-bhaiya or bhaabhee kaha gaye. ma- teree bhaabhee ke gaanv holee maanane.ma or deedee alag alag pakavaan bana rahee thee. raat ko paapa or ankal peene baithe the. paapa ne andar se botal or paanee laane bola.

main sab unako laakar de diya. kuchh der peene ke baad paapa ne aantee ko dene kaha maine bo peg jaakar aantee ko de diya. baad me maan ne mujhe baahar se kuchh samaan maangaya bo laane main chala gaya. thodee der baad paapa ne phir se botal mangaee. main ghar par nahin tha iseelie ma botal dene chalee gayee. ma braun kalar kee sari pahanee thee. ma jaise hee botal rakhane lagee vaise hee ankal ne haath badha kar botal pakad lee jisase bo ma ke haatho ko chhoo lie. ma botal rakh jaane lagee. tabhee ankal -rukiye zara sandhaan jee jee. ma vahee khadee ho gayee. phir ankal ne bhee ek peg banaaya or ma ko dene lage. pahale to ma ne maana kiya.

phir baad me le lee. peg dete vakt ankal ne mammee kee ungaliya sahala dee. ma kuchh nahin bolee or peg pee lee. ma ko bahut kadava laga. paapa bhee bahut phul ho chuke the. phir ma glaas rakhane lagee tabhee ankal ne phir se haath aage kar ma ke haatho par haath rakh glaas pakad lie or saath hee ma ke haatho ko sahalate hue ma ko dekhane lage. ma sharma kar andar chalee gayee. raat ko sab khaana khaane ke baad sab sone chale gaye paapa ankal ek kamare me or ma, aantee, deedee ek kamare me , or main or jeejoo ek kamare me. subah paapa jaldee hee ophees chale gaye. ma or deedee kaam kar rahee thee or aantee nahaane chalee gayee.
deedee- ma vo (main) to abatak utha hee nahin to chaay kaun dega papaajee ko.
ma- bo to so raha hai. la de main hee deke aatee hoon. ma chaay laakar paapa ke kamare me gayee.

ma jaise hee andar gayee vaise hee unakee aankhe phatee phatee rah gayee. andar ankal sirf andaraviyar me so rahe the. pahale to ma sochee kee vaapas chalee jaoon, lekin phir ruk gayee. ma ne kap rakha or apane ek haath aage kar ankal ko uthaane lagee. samadhee jee uthie uthie. ankal thoda idhar udhar hue phir neend me hee ma ka haath pakad apane upar kheench lie.ma seedhe jaakar ankal kee baanho me gir padee. ankal ma ko apanee baanho me bhichane lage. ma bahut dar gayee thee.

ma-ye aap kya kar rahe hai samadhee jee chodiye mujhe. ma uthane kee baar baar kosis kar rahee thee. phir achaanak ankal kee neend khulee.aur unhonne maan ko chhod diya, maan uth kar khadee ho gaee.

ma pooree paseene paseene ho gayee thee. or sari bhee kharaab ho chukee. ma rone lagee.ankal darate hue -mujhase galatee ho gayee mujhe maaf kar deejie. ma kuchh nahin bolee or chalee gayee. ma bahut ghabara chukee thee. or rone bhee lagee. raat me paapa bhee aa gaye. ankal or paapa or main jeejoo bhee khaana khaane lage. ma andar hee thee.tabhee paapa ne aavaaj dee ma sabjee lekar aaee. maan thodee sarame huee ghoonghat mein thee.

ma sabjee daalane lagee. ankal ma ko ghoor rahe the. shaayad mammee ko bhee ye pata tha.ma choree se ankal kee or dekhee jo muskura rahe the jise dekh ma bhee man hee man muskuree.phir mammee andar chalee gayee. vaha bhee ma choree choree maskura rahee thee. doosare din subah phir aantee nahaane chalee gayee.or paapa bhee uth kar mandir chale gaye.ma deedee se -betee chaay daal de main deke aatee hoon tere sasur ko.

phir ma chaay lekar unake ke kamare me gayee. jaha ankal kal kee tarah sirf andaraver me the. ma unhe dekh sharamaee phir kap rakh ankal ko uthaane lagee.ma-pyaar se samadhee jee uthie. shaayad ankal pahale se jaag rahe the , ankal ne ma ka haath pakad apane upar khich lie. ma bhee tapaak se unakee baahon me gir padee. ankal ma ko apanee baahon me bhichane lage.ma maayoos aavaaz me- chhodiye na ye aap kya kar rahe hai.ankal ma ko neeche kar khud ma ke upar aa gaye. ma kasamasa rahee thee.

ankal ma kee aankho me dekh ankal ne kaha jo aap aur main donon chaahate hai. ma ye sun sharma gaee. jisase ankal khush ho gaye. ankal ma ko kis karane ja rahe the tabhee ma ne unhe dhakka dekar hata diya or uth kar khadee ho gayee. mammee sharamaate hue – ye rahee aap kee chaay . or vaha se chalee gayee. ma bahut khus nazar aa rahee thee. dopahar me khaana khaate samay

ankal- achchha samadhee jee to aaj jaana hai hamen, paapa-samadhee jee 1-2 din or ruk jao. kuchh hee der me bada beta or bahoo bhee aane baale hai unase bhee mil lena. or kaheen ghoomane bhee chale jaana.phir thode samay baad hee bhaiya bhaabhee aa gaye. paapa-beta inako bhee kahee ghuma lao. bhaiya haan kyoon nahin ham sab chalege. mammee-aap sabhee chale jao main yahee rahoongee. ghar pe bhee to koee rahana chaahie.aantee-inako bhee chalane me problam hotee hai to ye bhee nahin aa paayaange. ankal -haan beta main nahin chal sakata. ankal muskuraate hoon ma kee taraph dekhe.ma bhee unhe dekh sharamaee.aantee-haan inako pasand nahin.jeejoo-to paapa ko rahane do ham sab chalate.paapa- mujhe bhee kaam ke silasile me baahar jaana hai. main-to theek hai aap sab chale jao main yahee ruk jaata hoon.ek ghante baad hee paapa chale gaye. or baakee sab bhee redee hone lage. shaam ko sab chale gaye ghoomane. ghar pe sirf main ma or ankal hee rah gaye the. ankal bhee baahar maarket chale gaye. main apane kamare me padhaee karane laga or ma khaana banaane lagee. kuchh hee der me ankal aa gaye. ankal teevee dekhane lage. main bhee ankal ke saath teevee dekhane laga.ankal meree padhaee ke baare me poochh rahe the.thodee der tak ham baate karate rahe ma baahar aaee maan-khaana paros doo .

main- haan ma bahut bhookh lag rahee hai main or ankal saath me kha lege. ankal-beta tum kha lo main baad main kha luga. or tumhe padhaee ka kam bhee to karana hai. maan-haan beta tum kha lo tumhe padhaee bhee to karanee hai. main khaana kha kar apane kamare me chala gaya. or daravaaje kee chhed se baahar dekhane laga. ma rasoee me thee. ma rasoee se ek daaroo kee botal or paanee kee botal, kuchh chakhane laakar tebal pe rakhane lagee ma-kuchh aur chaahie to bula leejie ga.ankal -aap nahin baithenge humaare saath. ma kuchh nahin bolee or ankal ke paas hee baith gayee. ankal: yahaan to koee nahin hai bheer phir aap ghoonghat mein hai. ma- main.aapake saamane kaise bina ghoonghat ke baith sakatee hoon. ankal-mujhe koee etaraaj nahin hai aap apana ghoonghat hata sakate hai. ma-deepak to hai,ankal-bo andar padhaee kar raha hai.phir ma ne apana ghoonghat hata diya.unakake muskuraate hue ma ko dekh rahe the ma ne apanee aankhe neeche kar lee.ankal -sach aap is umar me bhee bahut sundar lag rahee hai. ma thoda sharamaee.ankal ne botal kholate hue ma se kaha-leejie peg banae. ma-nahin nahin aap hee banae. ankal – aaj aapake haatho se banaaya peg peena chaahate hai. ma ek peg banaane lagee. ankal -ek hee kyoon? ma-main nahin peetee.ankal-thoda hamaarelie bhee nahin. ma thoda sa apane lie bhee peg bana lee.

phir ankal pine lage. ma ne bhee ek ghut piya. ankal- sandhaanajee aaj jo subah me hua aap naaraaz to nahin hai na. ma kuchh nahin bolee.phir thodee der baatacheet huee. ma ko thoda nasha ho gaya.ma-ab paros doo khaana.ankal-haan . phir ma khaana daalane lag gaee .mammee or ankal ne saath me khaana khaaya. khaane ke baad ma saphaee karane lagee. ankal ma ko ghoor rahe the. kaam karane ke baad ma ne mera daravaaja khatakhataaya lakin maine koee respons nahin diya to ma ko laga kee main so gaya hoon. ma ankal ka vistar lagaane lagee. tabhee ankal andar aae.or peechhe se ma ko apanee baho me bhar lie.ma-ye aap kya kar rahe hai, chhodiye mujhe. samadhan jee 5 saal ho gaye.in 5 saalo me mujhe bo sukh nahin mila. ma-dekhie main aapakee bhaavana samajh sakatee hoon. lakin main aisa nahin kar sakatee .ankal-samadhan jee main bhee samajh sakata hoon lakin aap bhee bo sukh paana chaahatee hai jo har aurat chaahatee hai, mujhe pata hai samadhee jee ka jab opareshan hua tab se bo aap ko sukh nahin de pa rahe hai. ma-haan lakin ye galat hai main aisa nahin kar sakateeankal ma ka haath pakadate hue- pleej main aap ko neeras nahin karoonga ,

maan jaie kahakar ankal ma ko gale laga lie. ma bhee ankal kee baahon me simat see gayee. ankal-bhagavaan kee bhee yahee marzee hai iseelie aaj ham mile haima- lekin deepak? ankal-bo so chuka hai ankal ne ma ko ek gajara diya. ankal-ye aap ke lie. main chaahata hoon kee aaj raat ye gajara aap lagae. ma gajara lekar andar chalee gayee. or taiyaar hone lagee. ma ne ek nyoo red kalar kee saaree pahanee. haatho me choodiya or gale me mangal sootr pahanee. bilkul ek nayee navelee dulhan kee tarah lag rahee thee. ma ne singaar bhee kiya or ankal ka diya hua gajara bhee lagaaya. phir ma ek glaas doodh or ghoonghat nikal kar ankal ke kamare main gayee , ankal ma ko dekh khus ho gae.ankal ne ma se doodh ka glaas liya or use tebal pe rakh die. phir ma ko palang pe baith gayee. ma ek dulhan kee tarah baithee thee.ankal-samadhanajee aaj main bahut khus hoon kahate hue ankal ne ma ka ghoonghat upar kiya. ankal-sachchee aaj aap apsara lag rahee hai ma sharma gayee.ma ne glaas uthaaya or ankal kee or karane lagee.

ankal ne ma ke haatho ko pakad liya.ma ankal ko doodh pilaane lagee.ankal ma ko seksee nigaaho se dekh rahe the.or ma ke chehare pe ek muskaan dikh rahee thee. peene ke baad ankal ne glaas rakh diya. or ma ke kandho me rakh ma ko bister pe letane lage. mammee sharamaatee huee-pahale lait to band kar leejie. ankal-lait band kar doonga to tumharee khoobasooratee kaise dekh paunga. ma-nahin mujhe sharam aa rahee hai.phir ankal ne lait band kar ek.balb jala diya. ma bistar pe letee huee thee.ankal gaye or ma ke oopar let kar ma ko apanee baahon me bhar lie. mammee bhee unakee baahano me simat gayee.ankal ne ma ke sir pe kis kiya. phir ma ke gaalo ko kis karane lage. ma ke muh se is is is is kee abaaj nikal rahee thee. ma ke haath ankal ke kandho pe the. ankal ne ma ke haatho ko apane haatho me kas lie.or ma ke hoth pe apane hoth rakh die. ma ko siharan see huee or usane apanee aankhe band kar lee. ankal ma ke hoto ko choos rahe the.ma bhee unake hoth choosane me unaka saath de rahee thee. ankal ne ek haath se ma ke sari ka palloo hata diya or ma ke bade bade boobs ko blauj ke upar se hee sahala rahe the. maan ke mooh se sisakaariya nikal rahee thee.ankal ma kee choochiyon ko dheere dheere masal rahe the.ma aaahah kar rahee thee.ankal ma ko kis karate hue dono haatho se ma kee dono chuchiya masal rahe the.ankal ne ma kee mangalasootra nikal diya or ma kee gardan pe kis karane lage. ma bhee ankal kee peeth pe apane haath pher rahee thee. ankal or meree maan dono ek doosare ke pair se pair masal rahe the.

ankal ne apanee kurata or baniyaan nikal dee or apanee pajaama bhee nikaal dee.ma unhe kapade nikalate hue pyaar se dekh rahee thee. ab ankal sirf andaraviyar me hee the. ankal ma ko baahano me bhar lie or behataasa choomane lage. ankal ka land ma kee choot pe chubh rah tha jise ma or utezit ho gayee thee.ankal ma ke boobs blauj ke upar se hee choom rahe the.ankal apane haath ma kee chhodee kamar or pet pe pher rahe the. ankal -aahah suruchi jee sach me andar bahut aag hai. ma – haan samadhee jee is aag ko aap bujha deejie, ankal-aapakee aag bujhaane ke lie main kab se betaab hoon. ankal- ab yahaan to koee nahin hai aap mujhe ab bhee samadhee kahenge. ma muskuraate hue-to phir kya kahu. ankal-bahee jo aap apane pati ko kahatee hai. ma sharamaatee hue -aap bhee na!phir dono ek doosare ko choomane chaatane lage. kabhee ma ankal ke upar to kabhee ankal ma ke oopar. in sab me ma kee saaree pooree nikal gayee ankal ma ke blauj ke batan kholane lage ma apane haatho se apane boobs chhupaane lagee ankal ma ke haath hata die or bra bhee nikal dee.ab ma sirf peteekot me thee. ankal ma ke boobs masalane lage. ma-aahahahahah. ahahahoo karane lagee. ankal ma ke ek boobs ko mooh me lekar choosane lage.or doosare ko masalane lage.ankal doosare boobs ko bhee choosane lage.or nipal ko kaat rahe the.mammee ko dekh lagata nahin kee vo badee hee seedhee saadee aur satee saavitree hokar kisee.gair mard se samandh bana legee.ankal ma ke pet or naabhi ko choom rahe the or haath se peteekot upar kar ma kee jaangh sahala rahe the ma ankal ka haath hataane kee kosis kar rahee thee. ankal ne peteekot ka naada khol diya or use haatho se sarakaane lage.

ma ne khud hee apana peteekot apane pairo se nikal diya. ab ma sirf ek pentee me thee.or dono ek doosare kee hahon me simat rahe the. ma bhee ankal kee baalo se bharee chhaatee sahala rahee thee. ankal apane haath ma ke garam jism pa sahala rahe the. dono.kee garam saanse ek doosare mahasoos kar rahe the.ankal baar baar mammee ka haath pakad apane land par rakh rahe the, lakin mammee apana haath hata rahee thee.ankal ma kee pentee neeche kar rahe the. ma maana kar rahee thee. ankal ne phir ma ka haath pakad apane land pe rakh diya. is baar ma ne bhee unaka land pakad liya.or ankal ko dekh sharamaane lagee,ankal ma kee chuchiya masal rahe the.main kabhee soch nahin sakata tha kee meree ma aisa kar sakatee hai. ma ankal ka land haath me lelee.ankal ka land bahut bada lag rah tha. ankal ne ma kee pentee neeche karane lage. or ma kee goree chaudee gaand pe haath phairane lage. ankal ne apana andaraviyar bhee utaar diya.ab dono nange ho chuke the.ankal ka kaala laind ma seksee nigaah se dekh rahee thee. dono phir ek doosare kee baaho me simat gaye.ankal ka land ma kee choot main chubh rah tha. ankal ne apane haath se ma kee baalo se bhaaree. choot me ungalee karane lage. or ma ankal ka land haath me lakar aage peechhe karane lagee.ankal- aap kaise nikaal lie itanee raate bina chudaee ke. ma to kar bhee kya sakatee main ankal- main bhee bahut tadapa hoon. main aap ka sukaragujaar hoon kee aapane mujhe apane kaabil samajha.ma- main jaanatee thee kee aap bhee itane saalo.se khus nahin hai.

par mujhe dar lagata tha kee kahee badanaamee.na ho jae.ankal-aap phikar na kare main aap ko koee pareshaanee nahin aana doonga. dono apane apane jism se ek doosare ko garmee de rahe the.ankal uthe or ma ko seedha kar ma kee taange chaudee kar die. jise ma kee phullee. huee choot dikh rahee thee. ma kee choot se paanee tapak raha tha.ankal ma kee taingo ke beech baith gaye.or ankal-to laga dee apane pyaar kee muhar. ma shaayad unhe aankho se ishaara kee ankal ne land ka topa ma ki choot pe rakhe. jise ma ke poore sareer me aag lag gayee. maan ne apane pair ankal kee kamar pe baandh lee. ankal ne ek zor ka dhakka de maara.ma–uoouuu uoouu eeeei eeyee eeeeeeee,emm emem maa aaa sasshah hah hah hah hah.ankal ka tops andar chala gaya ankal ma ke hotho ko choosane lage ankal ne ek jhataka or maara. mammee-aahah. ankal ka aadha land chala gaya. ankal ma ke nipal chuss rahe the or kamar haath pher rahe the.jisase ma ka dard kuchh kam hua ankal-kaisa lag raha hai.ma kuchh nahin bolee sirf hans dee.ankal ne ma kee kamar pakadee or dheere dheere dhakke maarane lage ma aaahah sahahahah kar rahee ankal apanee kamar hila kar ma ko chod rahe the. ma kee choot se bahut paanee gir rah tha.ankal ne apanee speed thodee tej kar lee. land paanee kee bajah se aabaaj aa rahee thee phuchchh phooch phuchch phachchh.

ma bhee- aaahah mmarr gayee main aaahah ankal ma ko jor jor se chod rahe the maan bhee ab ankal ko apanee baho me bhar apanee gaand aage peechhe kar ankal ka saath de rahee thee. 30 minat tak dono kee chudaee chalatee rahee ankal- kya kahatee hai aap main maal saara choot ke andar daal doo. phir ankal chodate chodate achaanak se ruk gaye or ma ko apanee baho me kasane lage maan bhee ankal se lipataraheethee ankal ka safed veery ma ke choot main jaane laga. jise ma mahasoos kar rahee thee kuchh der dono aise hee baahon me lete rahe. jab ankal ka land poora murajha gaya tab maan ke said me ludhak gaye. ma kee ab bhee saanse upar neeche ho rahee thee. ma kee choot se ankal ka veerya nikal raha tha.usake baad main apane kamare main aake so gaya.subah 6baje jab main utha to.baahar koee nahin dikha.

main ankal ke kamare kee taraph gaya to dekha ma or ankal ab tak nange hee ek doosare kee baahano me so rahe hai. main vaapas aake so gaya. aadhe ghante baad ma daravaaja khatakhataee , maine daravaaja khola. saamane ma khadee thee.maan :- utho kolej nahin jaana ma bahut thakee see lag rahee thee or ma ke baal bhee khule hue the. phes pe daanton ke nishaan dikh rahe the. sari bhee jald jald me bandhee huee lag rahee thee. main -haan ma aa rah hoon.phir ma kichan me chalee gayee.or main nahaane. vaha dra me se mainne kolaget nikaalee tabhee meree nazar neeche ke dro me padee. usame kuchh kapade.maine bo kapade dekhe bo ankal ke the or usame ma kee bra or pentee bhee thee. jo ankal ke veery se bharee huee thee. maine kabhee nahin socha tha kee meree ma aisa kar sakatee hai. khair jo kiya achchha kiya use bhee to land chaahie.

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